#विविध
March 30, 2026
हिमाचल पंचायत चुनाव का इंतजार खत्म : तीन चरणों में होगी वोटिंग, शेड्यूल तैयार
31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करने के निर्देश
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए अंदरखाने तैयारी शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, 15 मई के बाद प्रदेश में चुनाव करवाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसके लिए विस्तृत शेड्यूल पर काम जारी है। बताया जा रहा है कि इस बार पंचायत चुनाव तीन चरणों में करवाए जा सकते हैं, जबकि शहरी निकायों के चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराने पर विचार हो रहा है।
चुनावों को सुव्यवस्थित ढंग से करवाने के लिए आयोग ने पंचायती राज विभाग को 31 मार्च से पहले आरक्षण रोस्टर जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसी तरह शहरी निकायों के लिए भी आरक्षण प्रक्रिया को लेकर पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
आरक्षण रोस्टर जारी होते ही चुनावी प्रक्रिया को औपचारिक गति मिल जाएगी। यह वह अहम चरण है, जिसके बाद सीटों का वर्गीकरण तय होगा और उम्मीदवारों के लिए स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। आयोग का मानना है कि समय पर रोस्टर जारी होने से चुनाव कार्यक्रम में किसी तरह की देरी नहीं होगी।
प्रदेश में इस समय कुल 3,773 पंचायतों का गठन हो चुका है- जिनमें चुनाव करवाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इनमें से सात पंचायतों से जुड़े मामले फिलहाल हाई कोर्ट में विचाराधीन हैं। इसके अलावा कुछ अन्य मामलों के भी अदालत में पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इन सभी मामलों पर नजर रखते हुए आयोग आगे की रणनीति बना रहा है।
आज प्रदेश हाई कोर्ट में पंचायत गठन को लेकर अहम सुनवाई होनी है, जिसे चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सुनवाई के फैसले का असर कुछ पंचायतों के चुनाव कार्यक्रम पर पड़ सकता है।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 31 मई से पहले सभी स्थानीय निकाय चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग पर तय समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने का दबाव है। यही वजह है कि सभी औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर भी इस बार स्थिति थोड़ी अलग रही। शुरुआत में करीब 32 नई पंचायतें बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 200 तक पहुंच गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन नई पंचायतों को मंजूरी भी दे दी है। हालांकि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद इस तरह के बदलावों को लेकर सवाल भी उठे थे।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने स्पष्ट किया है कि पंचायत और निकाय चुनाव तय समय सीमा के अंदर ही करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आरक्षण रोस्टर जारी करने सहित सभी जरूरी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं, ताकि चुनाव में किसी प्रकार की बाधा न आए।