हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार के फैसलों पर हमीरपुर से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए ‘अनाथ-विधवा सेस’ को जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए कहा कि इस निर्णय से हर साल करीब एक हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार लोगों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और बढ़ेगी।
राहुल और प्रियंका पर भी बरसे
बतौर रिपोर्टर्स, सांसद अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए हिमाचल प्रदेश की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य की मौजूदा नीतियों और हाल ही में पेश किए गए बजट को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
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अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के चुनावी वादों पर तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल में प्रचारित “खटाखट मॉडल” अब पूरी तरह असफल साबित हो चुका है। उन्होंने कहा, जो वादे तेजी से पूरे करने की बात कही गई थी, वे अब जमीनी हकीकत में “खटारा” बनकर रह गए हैं।
जनता की जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
अनुराग ठाकुर ने सुक्खू सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए ‘अनाथ और विधवा सेस’ का कड़ा विरोध किया। उनका कहा कि, इस फैसले से सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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हाल ही में विधानसभा में पारित संशोधन के तहत सरकार को ईंधन पर अधिकतम 5 रुपये प्रति लीटर तक सेस लगाने का अधिकार मिला है, जिसका उद्देश्य अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए संसाधन जुटाना बताया गया है।
उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव
सांसद अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार पहले ही दो चरणों में वैट बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल के दामों में 10 रुपये से अधिक की वृद्धि कर चुकी है। अब इस नए सेस के लागू होने से आम उपभोक्ताओं पर और आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
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उन्होंने दावा किया कि इस फैसले का असर राज्य की जनता पर हर साल एक हजारों करोड़ रुपये के अतिरिक्त बोझ के रूप में पड़ेगा।
प्रदेश की वित्तीय दिशा पर भी खड़े हो रहे सवाल
अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि हिमाचल सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और आम आदमी महंगाई से जूझ रहा है। उन्होंने कहा बार-बार टैक्स बढ़ाने से न केवल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि प्रदेश की वित्तीय दिशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
