शिमला। हिमाचल में लगातार तबाही और जनहानि का कारण बने मानसून ने अब कमजोर पड़ने के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज से हिमाचल प्रदेश में बारिश का जोर कम हो जाएगा।
ज्यादातर इलाकों में खिली धूप
राजधानी शिमला, धर्मशाला सहित अधिकतर इलाकों में आज सुबह धूप खिली हुई है- जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। विभाग ने अनुमान जताया है कि 21 से 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा, हालांकि आज कुछेक स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
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रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने मचाई तबाही
मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सितंबर माह के पहले 19 दिनों में बिलासपुर जिले में सामान्य से 303 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई। इतनी भारी वर्षा ने यहां भारी तबाही मचाई और लोगों की सामान्य जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी।
भारी नुकसान का आंकड़ा
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक मानसून सीजन में अब तक लगभग 4749 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हुआ है। प्रदेशभर में कई जगहों पर सड़कें, पुल, बिजली व पानी की योजनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं।
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जनहानि की भयावह तस्वीर
इस बरसात ने सबसे बड़ा आघात जनहानि के रूप में दिया है। मानसून सीजन के दौरान 424 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है। इनमें से 80 लोगों की जान बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं से गई है। वहीं, 45 लोग लंबे समय से लापता हैं और प्रशासन का मानना है कि उनके जीवित बचने की संभावना बेहद कम है।
घर और पशुधन को भी नुकसान
आंकड़ों के अनुसार, भारी बारिश ने 1602 घर पूरी तरह जमींदोज कर दिए, जबकि 7025 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा 585 दुकानें और 6815 गौशालाएं भी ढह गईं। इस आपदा की मार लोगों के पशुधन पर भी पड़ी और करीब 30 हजार मवेशी इसकी भेंट चढ़ गए।
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राहत की उम्मीद
लोगों का कहना है कि लगातार बारिश ने पिछले कई महीनों से उनकी जिंदगी को संकट में डाल रखा था। अब मौसम का साफ होना खेती, बागवानी, पर्यटन और आम जनजीवन के लिए राहत लेकर आएगा।
