शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में महिलाओं के मुद्दे को लेकर लंबे समय से जारी आरोपदृप्रत्यारोप के बीच सुक्खू सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने सियासी गलियारों में बहस की दिशा ही बदल दी है। भाजपा भले ही कांग्रेस सरकार को महिला विरोधी साबित करने की कोशिशों में जुटी रही हो, लेकिन अब सरकार ने ज़मीनी स्तर पर ऐसी पहल कर दी है, जिसने विरोधी खेमे के कई सवालों पर विराम लगा दिया है। महिला सशक्तिकरण को लेकर सुक्खू सरकार की यह नई घोषणा न सिर्फ नीतिगत रूप से मजबूत है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का स्पष्ट संकेत भी देती है।
एक लाख जीत सकते हैं पुरस्कार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने महिला विकास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को एक लाख रुपये के राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाएगा, जिन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और कला एवं संस्कृति जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।
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सुक्खू सरकार का मास्टरस्ट्रोक
राज्य सरकार का यह निर्णय ऐसे समय पर सामने आया है, जब भाजपा नेता लगातार कांग्रेस सरकार पर महिलाओं की उपेक्षा के आरोप लगाते रहे हैं। सरकार ने इन आरोपों का जवाब बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी नीति के जरिए देने का रास्ता चुना है। महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने वाली इस पहल को राजनीतिक गलियारों में सुक्खू सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
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पांच साल के देखें जाएंगे कार्य
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और महिला एवं बाल विकास निदेशालय के अनुसार पुरस्कार के लिए चयन पिछले पांच वर्षों में किए गए प्रभावशाली और निरंतर कार्यों के आधार पर किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सम्मान उन लोगों तक पहुंचे, जिन्होंने वास्तव में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
सरकार का मानना है कि इस तरह के पुरस्कार न केवल उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता भी बढ़ाएंगे। यह पहल महिलाओं के अधिकारों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
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31 जनवरी है आवेदन की अंतिम तिथि
इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं 31 जनवरी तक अपने आवेदन संबंधित जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों को उपायुक्त की संस्तुति के बाद राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। चयनित व्यक्ति या संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा।
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महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत सभी योग्य व्यक्तियों और संस्थाओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास की सशक्त भागीदार हैं और उनके लिए काम करने वालों को सम्मानित करना उसकी प्राथमिकता है।
