#हादसा
January 26, 2026
हिमाचल : रील के क्रेज ने छीनी दोनों भाइयों की जिंदगी, बर्फ में रेस्क्यू कर चौथे दिन मिली बॉडी
सेना के हेलीकॉप्टर ने चलाया था सर्च ऑपरेशन
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे और बर्फ से ढके पहाड़ एक बार फिर मातम के गवाह बने हैं। चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर से लापता हुए दोनों लड़कों की तलाश आखिरकार एक बेहद दुखद अंत पर आकर रुकी। भरमाणी मंदिर की ओर वीडियो शूट करने निकले दोनों भाइयों की लाश बरामद हुई है।
सेना ने आज सुबह पहले एक लड़के का शव बरामद किया। वहीं, दोपहर बाद करीब 700 मीटर दूरी पर से दूसरे का भी शव बरामद कर लिया गया है। बेटों की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू टीम को बर्फ की मोटी परत में शव दिखाई दिया। कड़ाके की ठंड के कारण वहां तक पहुंचना रेस्क्यू टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन जब टीम शव तक पहुंची, तो उन्हें एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सभी को हैरान कर दिया।
युवक के पास उसका पालतू पिट-बुल कुत्ता मौजूद था, जो पिछले चार दिनों से बर्फ और ठंडी हवाओं के बीच उसकी लाश की रखवाली कर रहा था। बताया जा रहा है कि कुत्ता इतना वफादार था कि उसने रेस्क्यू टीम को पास आने से भी रोक दिया, टीम धीरे-धीरे और सावधानी से पास पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया।
बता दें कि दोनों भाई विकसित राणा और पीयूष, जो चार दिन पहले भरमाणी माता मंदिर की ओर वीडियो शूट करने निकले थे। सेना के हेलीकॉप्टर से चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। जैसे ही इस खबर की पुष्टि हुई, भरमौर और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। जिन लड़कों की सुरक्षित वापसी की दुआएं की जा रही थीं, आज उन्हीं के घरों में मातम पसरा हुआ है।

लापता लड़कों विकसित राणा और पीयूष की तलाश के लिए आज एक बार फिर सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इससे पहले राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), पर्वतारोही पुलिस टीम और स्थानीय लोगों की सहायता से लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। दुर्गम इलाकों में आधुनिक ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।
बीते रविवार को भी दोपहर बाद सेना के हेलीकॉप्टरों ने करीब एक घंटे तक बर्फीले इलाकों में तलाशी ली, लेकिन तब भी लड़कों का पता नहीं चल सका। आज दोबारा मौसम में कुछ सुधार होते ही सेना के हेलीकॉप्टर तैनात किए गए और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान दोनों लड़कों के शव बरामद किए गए।
बताया जा रहा है कि जिस इलाके में तलाश अभियान चल रहा था, वहां चार से पांच फीट तक बर्फ जमी हुई है। भारी बर्फबारी, फिसलन भरे पहाड़ और खराब मौसम राहत एवं बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बने रहे। कई जगहों पर पैदल पहुंचना लगभग असंभव हो गया था, जिसके चलते हवा से तलाश करना जरूरी हो गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शव जिस स्थान पर मिले हैं, वहां तक पहुंचना बेहद जोखिम भरा था। मगर टीम ने शवों को बरामद कर लिया है और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। लड़कों की मौत के बाद पूरे इलाके में माहौल गमगीन बना हुआ है।
परिजनों ने जब काफी देर तक इंतजार के बाद उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो दोनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ आने लगे। स्थानीय स्तर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में तलाश की, लेकिन जब कहीं कोई जानकारी नहीं मिली, तो पुलिस को सूचित किया गया।