सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक साहसिक घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने अपनी जान बचाने के लिए तेंदुए से सीधा मुकाबला कर दिया। अर्की उपमंडल के सरली गांव में सोमवार सुबह हुए इस घटनाक्रम ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
तेंदुए से भिड़ा युवक
युवक ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए करीब दस से बारह मिनट तक तेंदुए से संघर्ष किया, जिसमें अंततः तेंदुए की मौत हो गई। हालांकि इस दौरान युवक को शरीर पर कई जगह खरोंचें आईं, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल होने से बच गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के नए राज्यपाल आज लेंगे शपथ, तमाम नेताओं ने गर्मजोशी से किया स्वागत
दूध देने जाते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार सरली गांव निवासी प्रवेश शर्मा, पुत्र बालक राम शर्मा, सोमवार सुबह करीब सात बजे अपने खेतों के रास्ते दूध देने के लिए जा रहा था। रास्ता खेतों और झाड़ियों से होकर गुजरता है। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
हिम्मत नहीं हारी, डटकर किया मुकाबला
तेंदुए के हमले से युवक जमीन पर गिर पड़ा और कुछ देर के लिए स्थिति बेहद भयानक बन गई। अचानक हुए हमले के बावजूद प्रवेश शर्मा ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और तेंदुए से मुकाबला शुरू कर दिया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में सरकारी नौकरी: 600 पदों पर शुरू हुई भर्ती, यह है आवेदन की अंतिम तिथि
बार-बार झपटा तेंदुआ
युवक के अनुसार, तेंदुआ बार-बार उस पर झपटने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसने खुद को बचाते हुए उसका सामना किया। संघर्ष के दौरान जब तेंदुए ने दोबारा हमला किया तो युवक ने उसके जबड़े पकड़ लिए और पूरी ताकत से उसे काबू में करने की कोशिश की।
10 मिनट चला संघर्ष
करीब 10–12 मिनट तक चले इस संघर्ष के बाद तेंदुआ कमजोर पड़ गया और अंततः उसकी मौत हो गई। इस दौरान युवक के हाथों, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर तेंदुए के पंजों से कई खरोंचें आईं, लेकिन उसकी हिम्मत और सूझबूझ के कारण बड़ा हादसा टल गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल को चला रही CM की 'मित्र मंडली', जयराम ठाकुर ने खोला सुक्खू सरकार का कच्चा चिट्ठा!
परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया
घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत युवक को उपचार के लिए सिविल अस्पताल अर्की पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।
युवक को आई कई जगह खरोंचें
चिकित्सकों के अनुसार युवक को कई जगह खरोंचें आई हैं, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर है। बताया जा रहा है कि प्रवेश शर्मा अर्की ITI में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के दूसरे वर्ष का छात्र है।
यह भी पढ़ें : संजौली मस्जिद विवाद: 3 मंजिलें गिराई, अब 2 मंजिलों की बारी! हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
पहले भी दिखा था तेंदुआ
युवक के चाचा श्याम लाल ने बताया कि कुछ दिन पहले भी गांव के आसपास तेंदुए की गतिविधि देखी गई थी। छह मार्च को ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना देकर क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्कूटी के सामने आया तेंदुआ
उन्होंने बताया कि उसी दिन सुबह करीब साढ़े सात बजे एक स्कूटी सवार युवक के सामने भी तेंदुआ आ गया था। तेंदुए को देखकर वह स्कूटी छोड़कर किसी तरह भागकर अपनी जान बचा पाया था।
यह भी पढ़ें : BREAKING हिमाचल: स्कूल बस के नीचे आई दो मासूम बच्चियां, दोनों सगी बहनें, बैक करते हुआ हा.दसा
वन विभाग ने दी फौरी राहत
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। वन मंडलाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि घायल युवक को विभाग की ओर से फौरी राहत के रूप में पांच हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। साथ ही वन विभाग की टीम आसपास के इलाके की निगरानी करने में जुटी हुई है।
युवक की बहादुरी की हो रही सराहना
घटना के बाद पूरे इलाके में युवक के साहस की चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि युवक ने हिम्मत न दिखाई होती तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी। सूचना मिलने पर ITI अर्की के शिक्षक और छात्र भी अस्पताल पहुंचे और प्रवेश शर्मा का हालचाल जाना। सभी ने उसकी बहादुरी की सराहना करते हुए उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
