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June 7, 2026
15 जून को शपथ लेंगे प्रधान और उपप्रधान: CM- मंत्री होंगे शामिल, विक्रमादित्य का नाम लिस्ट से बाहर
विक्रमादित्य सिंह को छोड़ सभी मंत्रियों की लगाई ड्यूटी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में चुनी गई पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए राज्य सरकार ने शपथ ग्रहण का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसी के साथ-साथ पंचायतों की पहली बैठकों के कार्यक्रम की भी तारीख तय कर दी गई है।
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचनाओं के अनुसार प्रदेशभर में नवनिर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों का शपथ ग्रहण समारोह 15 जून को आयोजित किया जाएगा, जबकि नई पंचायतों की पहली बैठक 27 जून को होगी।
सरकार के इस फैसले के साथ ही पंचायत चुनावों के बाद ग्रामीण स्वशासन की नई व्यवस्था औपचारिक रूप से कामकाज शुरू कर देगी। पहली बैठकों में पंचायतों के नवचयनित सदस्य विकास योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आगामी कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे।
पंचायती राज विभाग ने जिला स्तर पर आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोहों के लिए वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है।
अन्य जिलों में भी मंत्रियों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों के संचालन का दायित्व सौंपा गया है। हालांकि, जारी सूची में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का नाम शामिल न होने से राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
27 जून को आयोजित होने वाली पंचायतों की पहली बैठक में पंचायत प्रधान अपने-अपने क्षेत्रों के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। इसके साथ ही पंचायत की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं, स्थानीय समस्याओं और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। यह बैठक नई पंचायतों के प्रशासनिक कार्यों की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी।
विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले में शपथ ग्रहण समारोह का समय और स्थान संबंधित उपायुक्त (डीसी) तय करेंगे। कार्यक्रमों में सांसदों, विधायकों, जिला परिषद प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा। जिला प्रशासन को आयोजन संबंधी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य के कुछ दुर्गम और विशेष परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इनमें लाहौल-स्पीति के केलांग उपमंडल, चम्बा के पांगी उपमंडल तथा कुल्लू जिले की जबान, नमहोग, करजन और सोयल पंचायतें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पंचायतों की पहली बैठक 27 जून के बजाय 18 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी।
पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण और पहली बैठकों के साथ ही प्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। नई पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्यों की योजना तैयार करेंगी, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी।