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June 6, 2026

हिमाचल कैबिनेट: जॉब ट्रेनी को पितृत्व अवकाश सहित एक क्लिक पर पढ़ें सभी ऐतिहासिक निर्णय

सुक्खू कैबिनेट रोजगार की बौछार: हिमकेयर में 10 लाख का इलाज; भांग की खेती को हरी झंडी

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Himachal Cabinet Decisions

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने आज हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की जनता के लिए फैसलों का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित इस कैबिनेट बैठक में युवाओं को रोजगार, किसानों को कर्ज से राहत, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और प्रवासियों के नियमों को लेकर कई ऐतिहासिक एवं जनहितैषी निर्णय लिए गए।

रोजगार एवं पद सृजन से जुड़े बड़े फैसले

  • करूणामूलक नौकरियां: विभिन्न विभागों द्वारा पहले खारिज किए जा चुके करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार करने को मंजूरी दी गई। एकमुश्त विशेष उपाय के तहत सबसे वाजिब मामलों की दोबारा जांच कर नियमों में आवश्यक छूट दी जाएगी।
  • वर्क इंस्पेक्टर भर्ती: भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पदों को सृजित कर भरने की बड़ी मंजूरी दी गई।

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स्वास्थ्य विभाग में बंपर भर्तियां:

  • चिकित्सा अधिकारियों (Medical Officers) के 300 पद भरे जाएंगे।
  • चतुर्थ श्रेणी मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति दी गई।
  • स्वास्थ्य विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की सीधी भर्ती होगी।
  • 162 अन्य तकनीकी पद भरे जाएंगे, जिनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक (OTA), 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 शामिल हैं।

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  • मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी: राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग विभागों के लिए 75 सहायक प्रोफेसरों (Assistant Professors) के पद सृजित कर भरे जाएंगे।
  • नेरचौक मेडिकल कॉलेज: मंडी के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के 2 और वरिष्ठ रेजिडेंट के 2 पद भरने को मंजूरी मिली।
  • हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को छूट: डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के 6 नामित प्रोफेसरों को पात्रता अवधि में 6 से 20 दिन की कमी होने पर 'एकमुश्त विशेष छूट' दी गई।
  • देहरा अस्पताल का विस्तार: कांगड़ा के सिविल अस्पताल देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (BMO) कार्यालय देहरा में 3 पद सृजित कर भरे जाएंगे।
  • एचपीयू शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला के विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरने का निर्णय लिया गया।
  • पार्ट टाइम वर्कर बने दैनिक वेतनभोगी: 31 मार्च, 2026 तक लगातार 7 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक (पार्ट टाइम) कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी (Daily Wager) बनाने की बड़ी मंजूरी दी गई।

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  • नेरी कॉलेज: हमीरपुर के नेरी स्थित बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के 3 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।
  • मंडलायुक्त कार्यालय मंडी: मंडलायुक्त कार्यालय मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA-IT) के 2 पद सृजित किए जाएंगे।
  • होमगार्ड विभाग: होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में 1 पद जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA-IT) का और 1 पद दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित मल्टी टास्क वर्कर का भरा जाएगा।
  • प्रशासनिक सेवा: हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) के 3 महत्वपूर्ण पद भरने का भी निर्णय लिया गया।

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कर्मचारी और अभ्यर्थी कल्याण

  • परीक्षा शुल्क की वापसी: पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड के विज्ञापनों को वापस लेने की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रभावित अभ्यर्थियों को ₹4.27 करोड़ का परीक्षा शुल्क वापस लौटाया जाएगा।
  • अध्ययन अवकाश पर पूरा वेतन: स्टडी लीव (अध्ययन अवकाश) पर जाने वाले कर्मचारियों को अब पूर्ण वेतन मिलेगा। जिन कर्मचारियों ने पूर्व में अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा।
  • पितृत्व अवकाश: जॉब ट्रेनियों (Job Trainees) को अब 15 दिन का पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) प्रदान करने का मानवीय निर्णय लिया गया।
  • कृषि, बागवानी और ग्रामीण राहत
    कृषि ऋण ब्याज सब्सिडी योजना: जिन किसानों की जमीन कर्ज के कारण नीलामी के संकट में है, उनके लिए नई योजना शुरू होगी। इसके तहत ₹3 लाख तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50% खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जिससे प्रदेश के 6,356 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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  • सरकारी भूमि पर कब्जों का नियमितीकरण: 'नियमितीकरण नीति-2026' को मंजूरी दी गई। यह नीति सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उन भूमिहीन और सीमांत परिवारों के लिए बनाई गई है जो आवासीय या कृषि उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर काबिज हैं। इसे अंतिम मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।
  • भांग की खेती को मंजूरी: चिकित्सा और वैज्ञानिक (Medical & Scientific) उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती, प्रसंस्करण, भंडारण और परिवहन को विनियमित करने के लिए हिमाचल प्रदेश NDPS नियम 1989 में संशोधन को हरी झंडी दी गई।
  • ऑनलाइन ग्रेजिंग पॉलिसी-2026: वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे, जिससे पशुपालकों को रियल टाइम परमिट मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
  • टैक्टर चालकों को बड़ी राहत: घरेलू उपयोग के लिए खनिज (जैसे रेत, बजरी) का परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कंपाउंडिंग फीस ₹4,500 से भारी कटौती कर मात्र ₹500 करने को मंजूरी दी गई।

स्वास्थ्य एवं जनकल्याण योजनाएं

  • हिमकेयर योजना में बड़ा बदलाव: हिमकेयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को अब पूरी तरह से बीमा मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा। अब पात्र लाभार्थियों को ₹5 लाख के स्थान पर श्रेणियों के आधार पर ₹7 लाख और ₹10 लाख तक का बढ़ा हुआ स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
  • अग्निकांड प्रभावितों को विशेष पैकेज: शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू के 15 अग्निकांड प्रभावित परिवारों के लिए ₹84.70 लाख के विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार ₹7 लाख की वित्तीय सहायता मिलेगी।
  • मुख्यमंत्री सहारा योजना: सहारा योजना का सुचारू और अधिक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को मंजूरी दी गई।
  • स्वास्थ्य संस्थानों का अपग्रेडेशन
    सरकाघाट अस्पताल: मंडी जिले के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने और इसके लिए आवश्यक पदों को भरने की मंजूरी दी गई।
  • बद्दी अस्पताल और मानपुरा PHC: सोलन जिला के नागरिक अस्पताल बद्दी को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत (अपग्रेड) करने तथा मानपुरा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) खोलने व पद भरने का निर्णय लिया गया।
  • मझेली स्वास्थ्य उप केंद्र: हमीरपुर जिला के मझेली में नया प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने और इसके संचालन के लिए पदों के सृजन को मंजूरी मिली।

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स्वरोजगार, बुनियादी ढांचा और अन्य फैसले

  • राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना (चतुर्थ चरण): योजना का चौथा चरण शुरू करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस (E-Bus) खरीदने पर 50% और डीजल बस खरीदने पर 30% सब्सिडी दी जाएगी।
  • राज्य नवाचार नीति (Technical Innovation Policy): तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को मंजूरी दी गई। इसके तहत वर्ष 2026 से 2028 तक ₹2 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है ताकि प्रदेश को स्टार्ट-अप हब के रूप में विकसित किया जा सके।
  • मल्टी टास्क वर्कर कैबिनेट सब-कमेटी: विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, केन्द्रीकृत और सुव्यवस्थित करने के लिए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाने का फैसला लिया गया।
  • चढि़यार में नया PWD उपमंडल: कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उप मंडलों के पुनर्गठन के माध्यम से चढि़यार में लोक निर्माण विभाग (PWD) का नया उपमंडल स्थापित किया जाएगा।

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  • कांगड़ा में सब-स्टेशन लीज: कांगड़ा के पटोला में 132/33 केवी सब स्टेशन और कंगैहण में 220 केवी स्विचिंग सब स्टेशन निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पक्ष में 40 वर्षों की पट्टा (लीज) प्रदान करने को स्वीकृति दी गई।
  • खेल छात्रावास का अपग्रेडेशन: शिमला जिले के जुब्बल स्थित 'ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास' को 'ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय' में अपग्रेड करने और विभिन्न श्रेणियों के 23 पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।
  • सीबीएसई स्कूलों पर प्रस्तुति: बैठक के अंत में शिक्षा सचिव द्वारा कैबिनेट के समक्ष सीबीएसई (CBSE) विद्यालयों से संबंधित एक विशेष प्रस्तुति (Presentation) भी दी गई।
  • हिमाचल के प्रसिद्ध मेलों का दर्जा बढ़ाया गया
    राष्ट्रीय स्तर का मेला: सोलन जिले के प्रसिद्ध 'राज्य स्तरीय शूलिनी मेले' को अब राष्ट्रीय स्तर के मेले का दर्जा प्रदान किया गया है।
  • राज्य स्तरीय मेले: चंबा जिले के छतराड़ी स्थित 'मां शिव शक्ति जातर मेले' और कांगड़ा जिले के इंदौरा स्थित 'शिवरात्री मेले काठगढ़' को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा दिया गया।
  • जिला स्तरीय मेले: कांगड़ा के 'नेरटी रैत मेले', सोलन (अर्की) के 'बाड़ीधार मेले सरयांज', चंबा के 'छिंज मेले गरनोटा' और मंडी (करसोग) के 'नाहवीधार मेले' को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने को मंजूरी दी गई।

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