#विविध
June 6, 2026
हिमाचल : डॉक्टरी छोड़ चुनावी मैदान में कूदा ये शख्स, हासिल की बड़ी जीत; अब पंचायत का करेंगे ट्रीटमेंट
पंचायत विकास और स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा फोकस
शेयर करें:

मंडी। हिमाचल प्रदेश के पंचायत चुनावों में इस बार कई नए और प्रेरणादायक चेहरे सामने आए हैं। मंडी जिले के गोहर उपमंडल की खारसी पंचायत से एक ऐसे उम्मीदवार ने जीत हासिल की है, जिसने वर्षों तक लोगों का इलाज करने के बाद अब अपने गांव और पंचायत के विकास की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है। पेशे से डॉक्टर रहे 38 वर्षीय डॉ. डोविल ठाकुर अब ग्राम पंचायत खारसी के नए प्रधान चुने गए हैं।
डॉ. डोविल ठाकुर ने वर्ष 2011 में बीएएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया था। पिछले लगभग डेढ़ दशक से वह गुटकर स्थित एक निजी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
यह भी पढ़ें : सुक्खू कैबिनेट: हिमकेयर में 10 लाख तक का मिलेगा इलाज, भांग की खेती पर भी लिया ऐतिहासिक निर्णय
लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के साथ-साथ उन्होंने समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके चलते क्षेत्र में उनकी एक अलग पहचान बनी। इस बार उन्होंने पंचायत चुनाव में उतरने का निर्णय लिया। चुनावी मुकाबले में कुल पांच प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन जनता ने उन पर भरोसा जताते हुए भारी समर्थन दिया। डॉ. डोविल को 416 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 200 वोट मिले। इस तरह उन्होंने 216 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर पंचायत की कमान अपने हाथ में ली।
डॉ. डोविल ठाकुर का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बचपन में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। पिता का निधन वर्ष 1999 में और माता का निधन 2007 में हो गया था। इसके बाद उनकी दादी ने उन्हें और उनकी बहनों को पाल-पोसकर बड़ा किया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कैबिनेट: अवैध कब्जों को नियमित करने की मंजूरी, डेढ़ हजार से अधिक पदों पर भर्ती
कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया। उनकी चारों बहनों की शादी हो चुकी है और वर्तमान में वह अपनी 92 वर्षीय दादी के साथ रहते हैं। डॉ. डोविल अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी के त्याग और संघर्ष को देते हैं।
प्रधान बनने के बाद डॉ. डोविल ठाकुर ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पंचायत के समग्र विकास को गति देना है। सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार ने 10 कॉलेजों पर जड़ दिया ताला, यहां के छात्रों को प्रतिमाह देंगे 5 हजार रुपए; पर रखी है ये शर्त
उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा पशुपालकों की सुविधा के लिए पशु चिकित्सालयों की स्थापना और उन्नयन को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
डॉ. डोविल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल को उनकी चिकित्सकीय सेवाओं की आवश्यकता होगी तो वह समाज और स्वास्थ्य सेवा दोनों जिम्मेदारियों का संतुलन बनाकर योगदान देने का प्रयास करेंगे।