शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बागवानों में इस वर्ष निराशा देखने को मिली रही हैं। समय से पहले हुई बारिश ने सेब की फसलों को भारी मात्र में नुकसान पहुँचाया है। जिसके चलते सेब के पौधों में अधिक मात्रा में नमी के कारण फंगल इन्फेक्शन होने लगा है। 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

जिसके कारण बगीचों में फफूंद जनित रोगों के फैलने के मामले में बढ़ोतरी दिखी है और बागवान चिंता में आ चुके है। विशेषज्ञ डॉ SP भरद्वाज का कहना हैं कि बारिश के कारण हवा में आई नमी से स्कैब, मारसोनिना और अल्टरनेरिया जैसी कई बिमारिओं का खतरा बढ़ जाता है, जिसके चलते फंगल इन्फेक्शन बढ़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

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कैसे होता है यह इन्फेक्शन 

जानकारों का कहना है कि लीफ स्पार्ट में यह एक नार्मल बीमारी है जिसमें पेड़ या पौधों की पत्तियों पर छोटे, भूरे और गोल आकर के काले धब्बे आ जाते हैं। यह बीमारी पत्तियों के साथ-साथ फलों की फसलों को भी क्षति पहुंचती हैं, जिसका सीधा आसार फलों की गुणवत्ता पर पड़ता है।

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बागवानों को दी ये सलाह

अगर फलों की फसलों पर किसी प्रकार के इन्फेक्शन का लक्षण दिखे तो समय रहते फसल को बचाया जा सकता है। जैसे ही बारिश का मौसम साफ़ हो उसी समय फफूंदनाशक  के छिड़काव, पौधों में रोशनी की उचित व्यवस्था, पौधों में अनावश्यक टहनियों व आसपास की घास को काटने से  फसल को नष्ट होने से बचाया जा सकता हैं।

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