मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का शिकारी देवी माता मंदिर इन दिनों एक बार फिर श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। सराज घाटी में स्थित यह प्रसिद्ध धार्मिक स्थल समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद है- जहां पहुंचने के लिए श्रद्धालु लंबा सफर तय कर माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

शिकारी देवी माता मंदिर में उमड़ी भीड़

हालांकि, पंचायत चुनावों के चलते इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कम देखी जा रही है। मगर मंदिर प्रशासन का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होते ही यहां फिर से भारी भीड़ उमड़ेगी। रविवार और छुट्टियों के दौरान अब भी हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में माथा टेकने पहुंच रहे हैं।

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जातर चढ़ाकर माता का आशीर्वाद

मंदिर परिसर में पूरे दिन जयकारों और भक्तिमय वातावरण की गूंज सुनाई देती है। श्रद्धालु माता के चरणों में माथा टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर यहां जातर चढ़ाकर माता का आशीर्वाद लेते हैं।

 

चुनाव खत्म होते ही बढ़ जाएगी भीड़

मंदिर के पुजारी सुरेश शर्मा ने बताया कि पंचायत चुनावों के कारण श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम जरूर हुई है। मगर चुनाव समाप्त होने के बाद मंदिर में भारी भीड़ आने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के दिनों में अभी भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं और मंदिर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

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हर साल तय समय पर बंद होते हैं कपाट

पुजारी सुरेश शर्मा के अनुसार, माता शिकारी देवी मंदिर के कपाट हर वर्ष 15 मार्च को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं और 15 नवंबर को विधिवत रूप से बंद कर दिए जाते हैं। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिससे पूरा क्षेत्र बर्फ से ढक जाता है और आवाजाही प्रभावित होती है।

 

कहां ठहरते हैं श्रद्धालु?

आपको बता दें कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं। जैसे-

  • मंदिर कमेटी की ओर से सरायों की व्यवस्था
  • वन विभाग का विश्राम गृह
  • सरकार की ओर से नए रेस्ट हाउस का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है

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हर मन्नत होती है पूरी

श्रद्धालुओं का कहना है कि माता शिकारी देवी के दरबार में पहुंचकर उन्हें विशेष आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। कई भक्त हर साल यहां आकर माता का आशीर्वाद लेते हैं और उनका विश्वास है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है।

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