शिमला/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की आम जनता को आज महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। रसोई का बजट संभाल रही गृहिणियों और मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंताएं बढ़ाते हुए घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में 29 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई कीमतें लागू होने के बाद प्रदेश में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक रकम चुकानी पड़ेगी।

 

लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमतों में हुई इस वृद्धि ने लाखों परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह बढ़ोतरी और भी ज्यादा असर डालने वाली मानी जा रही है।

जानें कितने बढ़े घरेलू सिलेंडर के दाम

गौरतलब है कि इससे पहले पहली जून को हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी। उस समय घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली थी क्योंकि रसोई गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

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हालांकि अब तेल कंपनियों ने सीधे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ डालते हुए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में घरेलू सिलेंडर की कीमत लगभग 942 से 947 रुपये के बीच पहुंच गई है। परिवहन और स्थानीय शुल्क के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

महिलाओं की रसोई का बिगड़ेगा जायका

घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर रसोई के खर्च पर पड़ता है। पहले से ही सब्जियों, खाद्य तेल, दालों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी नई परेशानी लेकर आई है। गृहिणियों का कहना है कि हर महीने बढ़ते खर्चों के बीच घर का बजट संभालना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। गैस सिलेंडर महंगा होने से रसोई का पूरा गणित प्रभावित होगा और घरेलू खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है।

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पश्चिम एशिया संकट का असर भारत तक

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े संकट का असर अब भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतों में लगातार उछाल दर्ज किया गया है, जिसके चलते तेल कंपनियों की लागत बढ़ी है। जानकारों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण एलपीजी की खरीद लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी वजह से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया है।

सरकार ने दिया अपना पक्ष

कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार का कहना है कि भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर अभी भी दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी सस्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार के अनुसार एक घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति लागत 1600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को इससे काफी कम कीमत पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में हाल के महीनों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।

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हिमाचल में लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार घरेलू गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं। ऐसे में कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी लाखों उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले ही परिवहन लागत अधिक होने के कारण कई जगह गैस की कीमतें अपेक्षाकृत ज्यादा रहती हैं। अब नए दाम लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को हर सिलेंडर पर अतिरिक्त भुगतान करना होगा, जिससे मासिक घरेलू खर्च में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

महंगाई के बीच बढ़ी लोगों की चिंता

रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों के बीच गैस सिलेंडर महंगा होने से आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। आम उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने परिवारों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा दिया है और अब रसोई गैस के दाम बढ़ने से घरेलू बजट को संतुलित करना और मुश्किल हो जाएगा।

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