शिमला। हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगम चुनाव इस बार कई मायनों में अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। चुनावी मैदान में जहां अमीर और मध्यम वर्गीय परिवारों का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है, वहीं गरीब तबका लगभग पूरी तरह राजनीति से बाहर नजर आ रहा है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि 172 उम्मीदवारों में सिर्फ एक प्रत्याशी ही बीपीएल परिवार से संबंध रखता है।
38 उम्मीदवार टैक्स पेयर
स्टेट इलेक्शन कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला नगर निगम चुनावों में कुल 172 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 116 उम्मीदवार एपीएल यानी गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों से आते हैं। वहीं 38 उम्मीदवार टैक्स पेयर हैं और 17 नॉन टैक्स पेयर श्रेणी में शामिल हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि स्थानीय निकाय चुनाव अब आम और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं।
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महिलाओं ने संभाली चुनावी कमान
इन चुनावों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिल रही है। कुल 96 महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं, जबकि पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 76 है। यानी पुरुषों के मुकाबले 20 ज्यादा महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। हालांकि इसका बड़ा कारण निकाय चुनावों में महिलाओं को मिला 50 फीसदी आरक्षण माना जा रहा है।
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शिक्षा के आंकड़े भी चौंकाने वाले
चुनावी मैदान में पढ़े-लिखे और कम शिक्षित उम्मीदवारों का मिश्रण देखने को मिला है। 46 उम्मीदवार ग्रेजुएट हैं, जबकि 30 ने पोस्ट ग्रेजुएशन कर रखी है। वहीं 40 प्रत्याशी 10वीं से 12वीं तक पढ़े हैं और 41 सिर्फ मैट्रिक पास हैं। खास बात यह है कि 14 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने 10वीं से कम पढ़ाई की है, जबकि एक प्रत्याशी अनपढ़ भी है।
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41 से 60 साल के उम्मीदवार सबसे ज्यादा
आयु वर्ग की बात करें तो नगर निगम चुनाव में सबसे ज्यादा उम्मीदवार 41 से 60 साल के बीच हैं। 41 से 50 साल आयु वर्ग के 67 उम्मीदवार और 51 से 60 साल आयु वर्ग के 53 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं युवाओं की भागीदारी बेहद कम रही है। 21 से 30 साल आयु वर्ग के सिर्फ 5 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर
चारों नगर निगमों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। बीजेपी ने 62 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जबकि कांग्रेस के 63 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा 47 निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। प्रदेश के चारों नगर निगमों में 17 मई को मतदान होगा, जबकि 31 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
