#विविध
May 7, 2026
हिमाचल के पंचायती दंगल में कूदेंगे 1981 बैच के IPS अधिकारी फूंचोग, दिल्ली पुलिस के हैं पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर
पर्यटन और स्वच्छता पर विशेष फोकस
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लाहौल। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने बहुत सारे लोग चुनावी दंगल में कूद रहे है। इस बीच प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति में इस बार पंचायत चुनाव खास होने जा रहे हैं, क्योंकि 1981 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी फूंचोग पलदन ने प्रधान पद का चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, लाहौल-स्पीति की दारचा पंचायत इस बार पंचायत के फूंचोग पलदन दिल्ली पुलिस में ज्वाइंट कमिश्नर रह चुके हैं। जो अब अपने पैतृक गांव-पंचायत के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और पर्यटन विकास के मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।
उनके इस फैसले से क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। फूंचोग पलदन का कहना है कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई होती हैं और गांवों के विकास की असली शुरुआत यहीं से होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दारचा पंचायत में पेयजल और सिंचाई जैसी मूलभूत समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए वह गंभीरता से काम करना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि दारचा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। शिंकुला टनल निर्माण और बारा लाचा दर्रे की नजदीकी के कारण आने वाले वर्षों में यहां पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, इसके साथ कचरा प्रबंधन की समस्या भी तेजी से उभर रही है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि यदि उन्हें पंचायत का नेतृत्व करने का अवसर मिला, तो क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए अलग स्थान चिन्हित कर प्रशासन के सहयोग से ठोस योजना तैयार की जाएगी।
फूंचोग पलदन ने स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने की बात भी कही। उनका मानना है कि इको टूरिज्म के बढ़ते अवसरों का फायदा उठाकर युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे पलायन भी रुकेगा। फूंचोग पलदन 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं।
उन्होंने बेहद कम उम्र में UPSC परीक्षा पास कर अपनी पहचान बनाई थी। लगभग 34 वर्षों तक दिल्ली पुलिस में सेवाएं देने के बाद वह वर्ष 2016 में ज्वाइंट कमिश्नर पद से रिटायर हुए। अब उनका पंचायत चुनाव लड़ना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।