हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। प्रदेश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 64.82 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी की है। इस राशि के हिमाचल पहुंचने के बाद कृषि विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। हमीरपुर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र के इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया है।

किसानों के लिए केंद्र से आया बड़ा पैकेज

केंद्र से जारी 64.82 करोड़ रुपये की राशि दो प्रमुख योजनाओं के तहत हिमाचल को मिली है। इसमें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 28.31 करोड़ रुपये, जबकि कृषोन्नति योजना के तहत 36.51 करोड़ रुपये शामिल हैं। दूसरी किस्त के तौर पर जारी इस राशि से प्रदेश में कृषि क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं को वित्तीय गति मिलने की उम्मीद है। केंद्र की ओर से राज्यों को कृषि विकास योजनाओं के लिए समय पर संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

 

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अनुराग ठाकुर ने पीएम मोदी का जताया आभार

हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल के लिए यह राशि जारी करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार सहयोग कर रही है। उनके मुताबिक पहाड़ी राज्य हिमाचल में कृषि की अपनी अलग चुनौतियां हैं और ऐसे में केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद किसानों तथा कृषि ढांचे के लिए महत्वपूर्ण है।

 

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12 वर्षों में हिमाचल को सैकड़ों करोड़ की मदद

अनुराग ठाकुर के अनुसार पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 589.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इनमें से 456.07 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जबकि 378.24 करोड़ रुपये का उपयोग कृषि विकास से जुड़े कार्यों में किया गया है। उनका कहना है कि केंद्र की योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कृषि को आधुनिक और ज्यादा उत्पादक बनाने के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना भी है।

 

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पहाड़ी खेती के लिए सिंचाई से बाजार तक फोकस

हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी राज्यों से अलग हैं। यहां छोटे खेत, पहाड़ी भूगोल और सिंचाई से जुड़ी चुनौतियां किसानों के सामने रहती हैं। ऐसे में फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं, कृषि अधोसंरचना और बाजार तक बेहतर पहुंच जैसे क्षेत्रों में निवेश को अहम माना जा रहा है। राज्य की कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार आरकेवीवाई के तहत मिट्टी स्वास्थ्य, वर्षा आधारित कृषि, प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और कृषि यंत्रीकरण जैसे कई घटकों पर काम किया जाता है।

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छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्यों अहम है यह राशि

अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में 88.85 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत श्रेणी में आते हैं। ऐसे में कृषि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। केंद्र से मिलने वाली राशि का सही इस्तेमाल होने पर सिंचाई, आधुनिक तकनीक, कृषि उपकरण, फसल विविधीकरण और बाजार संपर्क जैसी सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

मोदी सरकार का किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

केंद्र सरकार लगातार कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाओं, फसल विविधीकरण और बाजार संपर्क को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत स्थानीय जरूरतों और फसल प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

 

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अनुराग बोले—किसानों तक समय पर पहुंचे केंद्र की मदद

अनुराग ठाकुर ने हिमाचल सरकार से भी आग्रह किया कि केंद्र से मिली राशि का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ प्रदेश के किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से उपलब्ध कराई जा रही धनराशि का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए और किसानों को योजनाओं का सीधा फायदा मिलना चाहिए।

कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार

64.82 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त ऐसे समय में आई है जब हिमाचल में कृषि को पारंपरिक खेती से आगे ले जाकर आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में केंद्र की यह आर्थिक मदद प्रदेश में चल रही कृषि योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने इसे हिमाचल के किसानों के हित में केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया है।

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