नई दिल्ली/शिमला। केंद्र की मोदी सरकार ने पूरे देश सहित हिमाचल की आम जनता को बड़ी राहत प्रदान करते हुए जीएसटी स्लैब में बड़ा बदलाव किया है। मोदी सरकार ने चार मुख्य जीएसटी स्लैब को घटाकर अब दो स्लैब कर दिया है। जिसकी मंजूरी वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी परिषद से भी मिल गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले का जहां आम जनता को फायदा होग, वहीं राज्यों को इससे काफी नुकसान भी होगा।

हिमाचल सरकार को होगा एक हजार करोड़ का नुकसान

दरअसल केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में बदलाव कर आम लोगों को काफी राहत दी है। पहले जहां जीएसटी के चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% थे।  वही अब उन्हें घटाकर दो स्लैब 5% और 18%  कर दिए है। जीएसटी कम होने से जहां कई चीजें सस्ती होंगी और आम जनता को राहत मिलेगी। वहीं इससे राज्यों को नुकसान भी उठाना पड़ेगा, खासकर हिमाचल में जीएसटी बदलाव से 1000 करोड़ का नुकसान होने वाला है।

 

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नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स की घोषणा करते हुए इसे दिवाली का तोहफा बताया था। हालांकि वित्त मंत्रालय के अनुसार इस बदलाव से देशभर में करीब 48,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा।

क्या बोले  मंत्री हर्षवर्धन चौहान 

हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि जीएसटी दरें कम करना स्वागत योग्य फैसला है और इससे आम आदमी को राहत मिलेगी। लेकिन राज्य के राजस्व संग्रह में कमी आना तय है। हिमाचल को इस फैसले से लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित राज्य दबी जुबान में इसका विरोध कर रहे हैं। जबकि गैर.बीजेपी शासित राज्य खुले तौर पर इस घाटे की भरपाई केंद्र से करने की मांग उठा रहे हैं। सभी राज्यों का कहना है कि जीएसटी स्लैब से प्रदेश को होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार को करनी चाहिए।

 

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हिमाचल पर दोहरी मार

हिमाचल सरकार पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबी हुई है। राज्य पर 98ए000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। सरकार को पुराने कर्ज उतारने के लिए नया कर्ज लेना पड़ रहा है। ऊपर से जीएसटी कंपनसेशन जुलाई 2022 से बंद हो चुका है और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट भी एक.तिहाई रह गई है। ऐसे में 1ए000 करोड़ का अतिरिक्त नुकसान सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

 

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आम आदमी को बड़ी राहत

जीएसटी स्लैब में बदलाव से रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले कई सामान सस्ते हो जाएंगे।

  1. फूड आइटम्स: दूध, रोटी, परांठा, पिज्जा ब्रेड, पनीर आदि पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।

  2. दवाएं: 33 जीवनरक्षक दवाएं, कैंसर और गंभीर बीमारियों की कई दवाएं टैक्स फ्री कर दी गई हैं।

  3. बीमा: व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा।

  4. घरेलू सामान: साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, साइकिल, किचनवेयर, कॉफी, मक्खन, घी जैसी चीजें 5% स्लैब में आ जाएंगी।

  5. कृषि क्षेत्र: खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण, पावर टिलर, स्प्रेयर और सेब पैकिंग सामग्री सस्ती होगी।

  6. सेवाएं: सैलून, नाई, योग केंद्र, जिम पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।

  7. वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स: 32 इंच तक के टीवी, एसी, वॉशिंग मशीन, छोटी कारें, 350 सीसी से कम की बाइक, बसें और ट्रक अब 18% जीएसटी स्लैब में आएंगे।

  8. निर्माण सामग्री: सीमेंट पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।

वहीं, तंबाकू, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला और कैफीनेटेड ड्रिंक्स जैसी चीजों पर टैक्स 40% ही रहेगा।

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