शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लापता हुए नाबालिग भाई-बहन को आखिरकार पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। चार दिनों तक लगातार चली तलाश, तकनीकी जांच और कई राज्यों की पुलिस के सहयोग से दोनों बच्चों का पता राजस्थान के श्रीगंगानगर में लगाया गया।

 

बच्चों के सुरक्षित मिलने से जहां उनके परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस ने भी इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अब दोनों बच्चों को शिमला वापस लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।

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ISBT से अचानक हुए थे लापता

जानकारी के अनुसार, मामला 12 जुलाई का है। टुटीकंडी स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे ISBT से नाबालिग भाई-बहन संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। जब दोनों काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उनकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना बालूगंज पुलिस थाना में दी गई।

अपहरण का मामला दर्ज

बच्चों के अचानक लापता होने को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस के लिए यह मामला बेहद संवेदनशील था, क्योंकि इसमें दो नाबालिग बच्चों की सुरक्षा का प्रश्न जुड़ा हुआ था।

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CCTV फुटेज से मिला पहला सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने ISBT परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। कई घंटों तक फुटेज का विश्लेषण करने के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों बच्चे बस के माध्यम से चंडीगढ़ की ओर रवाना हुए थे। यही जानकारी जांच का पहला महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई।

 

इसके बाद पुलिस की विशेष टीम तुरंत चंडीगढ़ पहुंची और वहां बस अड्डों, रेलवे स्टेशन तथा अन्य संभावित स्थानों पर बच्चों की तलाश की गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में कोई ठोस सफलता नहीं मिली।

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कई राज्यों की पुलिस के साथ किया संपर्क

जब चंडीगढ़ में भी बच्चों का पता नहीं चल पाया तो शिमला पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया। पुलिस ने चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान पुलिस से संपर्क कर दोनों बच्चों का पूरा विवरण, फोटो और अन्य आवश्यक जानकारी साझा की। विभिन्न राज्यों की पुलिस के सहयोग से लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और संभावित स्थानों पर खोज अभियान चलाया गया।

दोनों नाबालिगों को  किया सुरक्षित बरामद

तकनीकी इनपुट, पुलिस नेटवर्क और लगातार की गई निगरानी के आधार पर आखिरकार राजस्थान के श्रीगंगानगर में दोनों बच्चों का सुराग मिला। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों नाबालिगों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

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बच्चों को शिमला लाने की प्रक्रिया शुरू

दोनों बच्चों के मिलने के बाद अब उन्हें सुरक्षित शिमला लाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल है और परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया है।

जांच में सामने आएगा पूरा घटनाक्रम

फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों बच्चे शिमला से चंडीगढ़ और वहां से राजस्थान कैसे पहुंचे। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने घर से बिना बताए जाने का फैसला क्यों लिया और इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

 

पुलिस बच्चों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगी। यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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पुलिस टीम की हुई सराहना

शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, विभिन्न राज्यों की पुलिस के सहयोग और लगातार की गई गहन जांच के आधार पर दोनों बच्चों को सुरक्षित तलाश लिया है।

 

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता थी और पूरी टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस अभियान को सफल बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और बच्चों के बयान तथा अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

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अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील

इस घटना के बाद ए तुरंत पुलिस को सूचना दें। समय पर मिली जानकारी से खोज अभियान तेजी से शुरू किया जा सकता है और बच्चों को सुरक्षित तलाशने की संभावना भी बढ़ जाती है।

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