#विविध
July 14, 2026
हिमाचल की बहू बनी वियतनाम की लड़की, कांगड़ा के युवक से हिंदू रीति-रिवाज के साथ लिए सात फेरे
सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती प्यार में बदली, मंदिर में हिंदू रीति.रिवाज के साथ हुआ विवाह
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जवाली (कांगड़ा)। कहते हैं कि प्यार न भाषा देखता है, न सरहदें और न ही हजारों किलोमीटर की दूरियां। इस कहावत को सच साबित करने वाली एक दिलचस्प प्रेम कहानी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला से सामने आई है। यहां वियतनाम की एक युवती को हिमाचल के एक युवक से ऐसा प्रेम हुआ कि वह हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंच गई और आखिरकार दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह बंधन में बंधकर अपनी प्रेम कहानी को नया मुकाम दे दिया। यह अनोखी शादी इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग भी इस अंतरराष्ट्रीय प्रेम कहानी को उत्सुकता और खुशी के साथ देख रहे हैं।
कांगड़ा जिला के जवाली उपमंडल की ग्राम पंचायत अमलेला निवासी रजत और वियतनाम की युवती की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ यह बातचीत दोस्ती में बदल गई और फिर दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद दोनों लगातार संपर्क में रहे। धीरे-धीरे दोनों ने महसूस किया कि वे अपना भविष्य एक साथ देखना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने शादी करने का फैसला लिया और अपने-अपने परिवारों को भी इस रिश्ते के बारे में बताया।
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परिवारों की सहमति मिलने के बाद वियतनाम की युवती भारत पहुंची। दूल्हा रजत अपनी होने वाली दुल्हन को लेने दिल्ली गया और वहां से दोनों हिमाचल पहुंचे। इसके बाद फतेहपुर स्थित प्रसिद्ध श्री नृसिंह मंदिर में हिंदू परंपराओं और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विवाह समारोह संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।
शादी समारोह पूरी तरह भारतीय और हिंदू परंपराओं के अनुसार आयोजित किया गया। विवाह के दौरान दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक परिधानों में नजर आए और वैदिक मंत्रों के बीच विवाह संस्कार संपन्न हुए। नवविवाहिता ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सराहना करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करना उनके लिए बेहद खास और यादगार अनुभव रहा।
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दूल्हे रजत का कहना है कि दोनों की भाषाएं अलग हैं, लेकिन प्यार ने कभी उनके बीच दूरी नहीं आने दी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भाषा अलग हो सकती है, लेकिन प्यार सबसे बड़ी भाषा है और समय के साथ दोनों एक-दूसरे की भाषा भी सीख लेंगे। रजत के परिवार ने भी इस रिश्ते का खुले दिल से स्वागत किया और नवविवाहित जोड़े को सुखद एवं सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।
यह शादी सिर्फ एक प्रेम विवाह नहीं, बल्कि दो देशों, दो संस्कृतियों और दो परिवारों के मिलन का प्रतीक बन गई है। एक तरफ हिमाचल प्रदेश का शांत और सुंदर गांव, तो दूसरी तरफ दक्षिण-पूर्व एशिया का देश वियतनाम—दोनों के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद प्रेम ने सभी सीमाओं को पीछे छोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि सच्चा प्यार किसी भी भौगोलिक सीमा या सांस्कृतिक अंतर को महत्व नहीं देता।
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वियतनाम की युवती का हिमाचल की बहू बनना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस अनोखी प्रेम कहानी को आधुनिक दौर में सोशल मीडिया के जरिए बने रिश्तों की एक सकारात्मक मिसाल के रूप में देख रहे हैं। यह कहानी एक बार फिर साबित करती है कि जब दिल जुड़ते हैं तो सरहदें, भाषाएं और दूरियां भी छोटी पड़ जाती हैं।