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July 17, 2026
हिमाचल में TB का बढ़ता खतरा : एक साल में 92 मौ*तें, 263 गांव हाई रिस्क घोषित
हाई रिस्क घोषित 263 गांवों में चलेगा घर-घर अभियान
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में TB (ट्यूबरकुलोसिस) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक साल में जिले में TB के कारण 92 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 263 गांवों को हाई रिस्क श्रेणी में शामिल किया है। अब इन क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सामने आया कि कई मरीजों की बीमारी समय पर पकड़ में नहीं आई। वहीं, कुछ मरीजों ने दवाइयां बीच में ही छोड़ दीं या नियमित इलाज नहीं कराया। कई मरीज कुपोषण से भी जूझ रहे थे- जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई और संक्रमण जानलेवा साबित हुआ।
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब हाई रिस्क घोषित 263 गांवों में घर-घर जाकर लोगों की जांच करेगा। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों, ACC प्लांट के आसपास, खनन प्रभावित इलाकों और शहरी संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष जांच शिविर लगाए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य शुरुआती चरण में मरीजों की पहचान कर तुरंत उपचार शुरू करना है।
TB मरीजों में कुपोषण की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक हजार पोषण किट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इन किटों के जरिए जरूरतमंद मरीजों को दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार भी दिया जाएगा, जिससे उपचार के दौरान उनकी सेहत बेहतर हो सके।
CSR के तहत मिली पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें भी TB मरीजों की पहचान में अहम भूमिका निभा रही हैं। हाल ही में इन मशीनों की मदद से नौ नए मरीजों की पहचान की गई है। अब इन्हें दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भी भेजा जाएगा, ताकि लोगों को उनके क्षेत्र में ही जांच की सुविधा मिल सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि पिछले एक वर्ष में TB से 92 मरीजों की मौत हुई है और 263 गांवों को हाई रिस्क क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर इलाज से TB पूरी तरह ठीक की जा सकती है।