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July 15, 2026

हिमाचल के 8700 शिक्षकों पर लटकी तल.वार- TET अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी लिस्ट

शिक्षकों को साल में दो बार देनी पड़ेगी TET परीक्षा

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Himachal Pradesh Education Department TET C&V Teachers Supreme Court HPBOSE

शिमला। सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश के हजारों इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य हो गया है। इसी के चलते डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन ने राज्यभर के सभी डिप्टी डायरेक्टर (प्रारंभिक शिक्षा) और स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

 

डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन ने एक सप्ताह के भीतर उन C&V शिक्षकों की सूची मांगी है, जिन्होंने अभी तक TET पास नहीं किया है। प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब 8700 बताई जा रही है।

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एक सप्ताह में भेजनी होगी पूरी रिपोर्ट

शिक्षा विभाग ने संस्कृत, हिंदी, पंजाबी, उर्दू, ड्राइंग और संगीत विषय पढ़ाने वाले सभी इन-सर्विस C&V शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। सूची में शिक्षक का नाम, पद, नियुक्ति तिथि और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और स्कूल प्रमुखों को यह जानकारी तत्काल संबंधित जिला उपनिदेशक को भेजने के लिए कहा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी हलचल

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अंजुमन इशाअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि इन-सर्विस शिक्षकों के लिए भी TET पास करना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने इसके लिए 31 अगस्त 2028 तक की समय-सीमा तय की है। यानी जिन शिक्षकों ने अभी तक TET पास नहीं किया है, उनके पास परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए लगभग दो वर्ष का समय है।

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साल में दो बार होगी TET परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इन शिक्षकों के लिए साल में कम से कम दो बार TET परीक्षा आयोजित की जाएगी। हिमाचल में यह परीक्षा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला आयोजित करता है। शिक्षा विभाग पहले ही बिना TET वाले JBT और TGT शिक्षकों का डेटा जुटा चुका है और अब C&V शिक्षकों की जानकारी भी एकत्र की जा रही है।

RTE के तहत TET पहले से अनिवार्य

राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट, 2009 लागू होने के बाद नई शिक्षक भर्ती के लिए TET अनिवार्य किया गया था। हालांकि इन-सर्विस शिक्षकों को लेकर अलग-अलग राज्यों में कानूनी विवाद चल रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी TET अनिवार्य हो गया है।

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