शिमला। चार साल पहले स्कूल के लिए निकला बेटा अचानक गायब हो गया था... परिवार ने हर जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। उम्मीद लगभग टूट चुकी थी, तभी एक पैन कार्ड ने ऐसा राज खोला कि चार साल तीन महीने बाद लापता किशोर हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद हो गया
चार साल बाद मिला लापता बेटा
पुलिस ने लड़के को उसके परिजनों से मिलवाकर एक परिवार की वर्षों पुरानी इंतजार भरी कहानी का सुखद अंत कर दिया। ये मामला बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा क्षेत्र का है।
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चमत्कार से कम नहीं था पल
करीब चार साल तीन महीने तक बेटे के इंतजार में दिन गुजार रहे परिजनों के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। पुलिस ने किशोर को हिमाचल प्रदेश से बरामद कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार को सौंप दिया। किशोर की सकुशल वापसी से परिजनों ने राहत की सांस ली है और पूरे क्षेत्र में इस मामले की चर्चा बनी हुई है।
स्कूल गया, लेकिन वापस घर नहीं लौटा
जानकारी के अनुसार, मढ़ौरा थाना क्षेत्र के अवारी गांव निवासी साहिद आलम मार्च 2022 में रोजाना की तरह स्कूल पढ़ने गया था। मगर स्कूल से छुट्टी होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा। शाम तक घर न लौटने पर परिवार को चिंता हुई और उसकी तलाश शुरू की गई। रिश्तेदारों, मित्रों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
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बेटे की तलाश में वर्षों तक भटकता रहा परिवार
किशोर के पिता इरसाद आलम ने अपने स्तर पर काफी प्रयास किए। परिवार ने कई स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंततः मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
अपहरण का मामला करवाया दर्ज
पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती वर्षों में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी। इसके बावजूद केस को बंद नहीं किया गया और पुलिस लगातार विभिन्न पहलुओं पर काम करती रही।
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कैसे मिली बेटे की खबर?
मामले में अप्रत्याशित मोड़ तब आया जब कुछ दिन पहले साहिद आलम के नाम से जारी एक पैन कार्ड उसके घर पहुंचा। परिवार ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने इस सुराग को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पैन कार्ड आवेदन से जुड़े दस्तावेजों, मोबाइल नंबर और आवेदन केंद्र की जानकारी जुटाई गई। तकनीकी और स्थानीय स्तर पर की गई जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी, जिससे किशोर के वर्तमान ठिकाने का पता चल सका।
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हिमाचल प्रदेश से किया गया बरामद
जांच के आधार पर पुलिस टीम ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए किशोर को हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित मढ़ौरा लाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामदगी के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं ताकि मामले में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
बेटे को देख परिवार भावुक
किशोर को बरामद करने के बाद पुलिस उसे न्यायालय लेकर पहुंची, जहां उसका बयान दर्ज कराया गया। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। परिवार ने पुलिस और जांच टीम के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया। वर्षों बाद बेटे को अपने बीच पाकर परिवार भावुक नजर आया।
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पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
चार साल से अधिक समय बाद किशोर की वापसी स्थानीय लोगों के लिए भी आश्चर्य का विषय बनी हुई है। क्षेत्र के लोग इसे धैर्य, उम्मीद और लगातार प्रयासों का परिणाम मान रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच नियमानुसार की गई और उपलब्ध सुरागों के आधार पर किशोर को सुरक्षित वापस लाने में सफलता मिली।
उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए
गौरतलब है कि यह मामला उन परिवारों के लिए भी एक संदेश है जो वर्षों से अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। कई बार छोटी सी जानकारी या कोई साधारण दस्तावेज भी बड़ी जांच का आधार बन सकता है और लंबे समय से बिछड़े लोगों को उनके परिवारों तक वापस पहुंचा सकता है।
