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August 2, 2026

हिमाचल के शिपकी ला से फिर शुरू हुआ भारत-चीन व्यापार, 6 साल बाद टूटी बंदिशें

शिपकी ला से रवाना हुए व्यापारी

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Himachal Pradesh news

शिमला। करीब छह साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू हो गया है। कोविड-19 महामारी और दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के चलते वर्ष 2020 से बंद पड़ा यह व्यापार अब हिमाचल प्रदेश के शिपकी ला दर्रे और सिक्किम के नाथू ला दर्रे से दोबारा बहाल कर दिया गया है। व्यापार शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों में उत्साह है और इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम कदम माना जा रहा है।

शिपकी ला से रवाना हुए व्यापारी

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित ऐतिहासिक शिपकी ला दर्रे से शनिवार को सीमा व्यापार की औपचारिक शुरुआत हुई। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने 16 पंजीकृत व्यापारियों को उनके घोड़ों के साथ तिब्बत के शिपकी गांव के लिए रवाना किया।

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उन्होंने बताया कि इस बार भी व्यापार पारंपरिक वस्तु विनिमय (बार्टर) प्रणाली के तहत होगा। निर्धारित नियमों के अनुसार भारतीय व्यापारियों को तिब्बती क्षेत्र में अधिकतम 72 घंटे तक व्यापार करने की अनुमति होगी, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना होगा।

आधुनिक ट्रेड मार्ट का भी उद्घाटन

इस अवसर पर मंत्री ने किन्नौर जिले की नामग्या ग्राम पंचायत के शिपकी ला क्षेत्र में करीब 1.70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक छुप्पन ट्रेड मार्ट का भी उद्घाटन किया। यह केंद्र सीमा व्यापार को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

नाथू ला से भी शुरू हुआ व्यापार

उधर, सिक्किम के पूर्वी हिस्से में स्थित नाथू ला दर्रे से भी भारत-चीन सीमा व्यापार दोबारा शुरू हो गया। उद्घाटन समारोह में दोनों देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। यह व्यापार नवंबर तक प्रत्येक सप्ताह सोमवार से गुरुवार के बीच संचालित होगा।

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सिक्किम सरकार के अनुसार इस वर्ष 38 पंजीकृत व्यापारियों को व्यापार पास जारी किए गए हैं। इस मार्ग से अधिसूचित 36 प्रकार की वस्तुओं का व्यापार किया जाएगा, जिनमें हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, धार्मिक सामग्री, रेडीमेड परिधान और अन्य स्वीकृत सामान शामिल हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सीमा व्यापार को देखते हुए दोनों मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। नाथू ला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली बार वहां महिला आईटीबीपी प्लाटून भी तैनात की गई है।

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गौरतलब है कि वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी और भारत-चीन सीमा पर बढ़े तनाव के बाद सीमा व्यापार बंद कर दिया गया था। अब इसके फिर से शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

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