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August 2, 2026
केंद्र ने हिमाचल के लिए फिर खोला खजाना, मानसून की मार झेल रहे प्रदेश को भेजी करोड़ों की सहायता
गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने को भेजी सहायता राशि
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शिमला। एक तरफ आर्थिक मंदी और ऊपर से मानसून की तबाही झेल रहे हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र ने अपना खजाना खोल दिया है। मानसून की तबाही के बीच हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र सरकार ने राहत का बड़ा ऐलान किया है। केंद्र राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (SDRF) के तहत 193.95 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता मंजूर की है। यह आर्थिक मदद ऐसे समय में मिली है जब प्रदेश मानसून की भीषण मार झेल रहा है और कई जिलों में प्राकृतिक आपदाओं से करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।
प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सैकड़ों सड़कें प्रभावित हुई हैं, पुलों को नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ है। ऐसे हालात में केंद्र से मिली यह अग्रिम सहायता राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगी। इस राशि से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और जरूरी पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्णय के अनुसार हिमाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए SDRF की पहली किस्त पहले ही जारी की जा चुकी थी। अब राज्य की मौजूदा आपदा स्थिति को देखते हुए दूसरी किस्त भी अग्रिम रूप से स्वीकृत कर दी गई है, ताकि राहत कार्यों में धन की कोई कमी न आने पाए। प्रशासन के लिए इसे बड़ी वित्तीय संजीवनी माना जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानसून-2026 के दौरान बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित सात राज्यों के लिए 2,117.85 करोड़ रुपये की अग्रिम केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित राज्यों में जरूरत के अनुसार राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों की तैनाती, रक्षा मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता तथा नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) लगातार सक्रिय हैं। उद्देश्य यह है कि राहत और पुनर्वास कार्य बिना किसी देरी के आगे बढ़ सकें।
केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों के लिए अग्रिम सहायता राशि भी जारी की है। इसके तहत अरुणाचल प्रदेश को 44.55 करोड़ रुपये, असम को 379.35 करोड़ रुपये, गुजरात को 500 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 500 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 193.95 करोड़ रुपये और ओडिशा को 500 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां दो बार अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल भेजा जा चुका है, जबकि नागालैंड के लिए भी राज्य सरकार के अनुरोध पर टीम गठित की जा रही है।
मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही तबाही ने सरकारी संसाधनों पर भारी दबाव डाला है। ऐसे समय में केंद्र से मिली करोड़ों रुपये की अग्रिम सहायता प्रदेश के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इससे बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान की भरपाई, प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की बहाली तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन को विश्वास है कि इस आर्थिक सहयोग से आपदा प्रभावित लोगों तक मदद तेजी से पहुंचाई जा सकेगी और पुनर्निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी।