शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों और सरकार के बीच गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। निगम के चालक-परिचालकों द्वारा पहली अगस्त से आठ घंटे ड्यूटी देने के निर्णय को मंगलवार देर रात वापिस ले लिया गया। यह निर्णय प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ हुई करीब दो घंटे लंबी बातचीत के बाद लिया गया, जिसमें कर्मचारियों की लगभग सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई।
डिप्टी सीएम के साथ हुई बैठक इन मांगों पर बनी सहमति
इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत चर्चा हुई। यूनियन की ओर से अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर, जबकि सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ प्रबंध निदेशक डॉ निपुण जिंदल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि कर्मचारियों की लंबित वित्तीय और प्रशासनिक मांगों का समाधान तय समय-सीमा में किया जाएगा।
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प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
- आठ घंटे ड्यूटी का फैसला वापिस: यूनियन द्वारा 1 अगस्त से निर्धारित आठ घंटे ड्यूटी का निर्णय अब लागू नहीं होगा। कर्मचारी पूर्व की भांति ड्यूटी देंगे।
- वेतन समय पर और ओवरटाइम भुगतान: कर्मचारियों को हर माह की पहली तारीख को वेतन देने की मांग स्वीकार कर ली गई है। साथ ही दो महीने का लंबित नाइट ओवरटाइम भत्ता क्रमशः जुलाई और अगस्त के वेतन के साथ जारी किया जाएगा।
- पदोन्नति और वर्दी भत्ता: 202 चालकों को वरिष्ठ चालक का पदनाम दिया जाएगा। इसके अलावा यूनियन की मांग पर स्टाफ को दो यूनिफार्म सेट देने का निर्णय भी लिया गया है।
- चिकित्सा भत्ता और अन्य वित्तीय दायित्व: छह महीने की चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ता सहित अन्य वित्तीय देनदारियों का भुगतान दो से तीन महीने के भीतर करने का आश्वासन दिया गया है।
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पेंशनरों के लिए राहत 150 करोड़ ऋण लेगा एचआरटीसी
राज्य सरकार ने पेंशनभोगियों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए एचआरटीसी को 150 करोड़ रुपये का ऋण सरकारी बैंक से लेने की अनुमति दे दी है। इस ऋण पर ब्याज का भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। यह निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू होगा। इससे पेंशन के लंबित भुगतानों को निपटाने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने वार्ता के बाद कहा कि प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति संवेदनशील है और उनके न्यायोचित हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाएगा ताकि निगम की सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहें और जनता को कोई असुविधा न हो।
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यूनियन ने जताया संतोष
चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने वार्ता के परिणाम पर संतोष जताते हुए कहा कि सरकार ने अधिकांश मांगें मानकर सकारात्मक रुख दिखाया है। इससे कर्मचारियों में भरोसा बहाल हुआ है और अब सभी निगम कर्मचारी पूर्व की भांति अपनी सेवाएं देंगे।
