ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में दो दिन पहले गोली मार कर आत्महत्या करने वाले शख्स की मौत के कुछ घंटों बाद उसकी पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए हैं। इस मामले ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। वहीं घर में बुजुर्ग महिला पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बुजुर्ग महिला ने दो दिन के भीतर ही अपने बेटे और बहू को खो दिया है। इस घटना से पूरा परिवार सदमें में है।

ऊना की डोहगी पंचायत का मामला

दरअसल ऊना जिला के डोहगी पंचायत में बुधवार गुरुवार की मध्य रात को सुरेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी की खराब मानसिक स्थिती के चलते खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद पूरे घर में सन्नाटा छा गया था। शुक्रवार को जब सुरेंद्र का शव उसके घर लाया गया तो उसकी पत्नी पति का शव देख कर बेसुध हो गई थी। जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन पति की मौत के मात्र 48 घंटों बाद उसने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जिससे न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया है।

 

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सुरेंद्र ने खुद को मारी थी गोली

सुरेंद्र कुमार, जो एक जिम्मेदार और शांत स्वभाव के व्यक्ति माने जाते थे, ने बुधवार देर रात अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनने के बाद जब ग्रामीण घर पहुंचे थे, तब उन्हें अंदर सुरेंद्र का शव मिला था। स्थानीय लोगों और परिवारजनों के अनुसार सुरेंद्र पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था, हालांकि बाहर से वह सामान्य जीवन जीता नजर आता था।

 

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पति का शव देख बेसुध हुई थी पत्नी

उनकी पत्नी रेशमा देवी पहले से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं, गुरुवार को जैसे ही पति का शव घर पहुंचा, तो पत्नी रेशमा बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें तुरन्त बंगाणा अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर स्थिति में उन्हें ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल रेफर किया गया। शुक्रवार शाम तक हालत में सुधार के संकेत मिल रहे थे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने से उन्होंने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया।

 

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बेटे बहू को खोने के बाद सदमें में बुजुर्ग मां 

इस हृदयविदारक घटना ने सबसे अधिक प्रभाव 90 वर्षीय रमी देवी पर डाला है, जो सुरेंद्र की वृद्ध मां हैं। पहले पति और अब बेटे.बहू को खो चुकी रमी देवी अब गहरे दुख में डूबी हैं। गांववालों के अनुसार शनिवार को पूरे गांव में गमगीन माहौल रहा। रमी देवी ने रोते हुए कहा कि भगवान ने मेरी आंखों के सामने सब छीन लिया। अब किसके सहारे जियूं। बता दें कि सुरेंद्र और रेशमा के चार बच्चे हैं। जिसमें दो बेटे और दो बेटियां। इनमें से एक बेटा अभी अविवाहित है। 

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