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April 10, 2026
केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल को दिया बड़ा तोहफा, करोड़ों के इस प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
इस रोपवे निर्माण का 80 फीसदी खर्च उठाएगी केंद्र सरकार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र की मोदी सरकार ने राज्य के एक अहम और बहुप्रतीक्षित रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही शिमला से तारादेवी के बीच बनने वाले 13.79 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
यह परियोजना शुरुआत में करीब 1734 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित थी, लेकिन समय के साथ इसकी लागत बढ़कर अब 2296 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। बावजूद इसके केंद्र सरकार ने संशोधित लागत पर भी अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे परियोजना को बड़ा संबल मिला है।
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केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद अब राज्य सरकार ने भी परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उम्मीद है कि आगामी मंत्रिमंडल बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
यह प्रोजेक्ट न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के सहयोग से तैयार किया जाएगा, जिसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत होगी। लागत बढ़ने के साथ राज्य का अंश भी बढ़ गया है। अब सरकार को संशोधित डीपीआर तैयार कर एनडीबी को भेजनी होगी, ताकि फंडिंग और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
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पिछले तीन वर्षों से इस परियोजना पर काम चल रहा है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में लगातार अड़चनें आती रही हैं। तीन बार टेंडर जारी होने के बावजूद केवल एक ही कंपनी ने रुचि दिखाई, जिससे मामला लटका रहा। अब कैबिनेट यह तय करेगी कि उसी कंपनी को काम सौंपा जाए या फिर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए।
यह रोपवे शिमला शहर के 15 प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगा और इससे यातायात की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। रोपवे के जरिए लोग महज 12 से 15 मिनट में 13.79 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगे, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी।
इस परियोजना से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शिमला आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी यह रोपवे अहम भूमिका निभाएगा।