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April 7, 2026

हिमाचल : गंभीर बीमारी से लड़ रही दो साल की मासूम, बेबस पिता की जेब खाली- सरकार और लोगों से लगाई गुहार

गंभीर बीमारी से लड़ रही है बच्ची 

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Priyanshi

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर का एक परिवार इस समय बेहद परेशान और दुखी है। परिवार की दो वर्षीय मासूम बच्ची गंभीर बीमारी से जूझ रही है। बड़सर उपमंडल क्षेत्र के समोह गांव से ताल्लुक रखने वाली दो साल की मासूम  जिंदगी इस वक्त एक बड़ी बीमारी से संघर्ष कर रही है।

गंभीर बीमारी से लड़ रही है बच्ची 

दो साल की प्रियांशी इस समय एक गंभीर और रहस्यमयी बीमारी से जंग लड़ रही है। जब भी यह बीमारी उभरती है, तो उसका नन्हा शरीर पीला पड़ जाता है और उसके माता-पिता के सिर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। इस समय प्रियांशी का इलाज PGI चंडीगढ़ में चल रहा है, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इलाज की लागत उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गई है।

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प्रियांशी की हालत नाजुक

प्रियांशी का परिवार दिहाड़ी-मजदूरी कर अपना गुजर-बसर करता है। बेटी की जान बचाने के लिए उन्होंने अपनी सारी जमा-पूंजी और हर संभव संसाधन उसके इलाज पर खर्च कर दिए हैं। अब स्थिति इतनी गंभीर है कि परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है और मदद के लिए लोगों की ओर गुहार लगा रहा है।

दो साल से जारी इलाज 

प्रियांशी की मां पल्लवी शर्मा ने बताया कि पिछले दो साल से वे अपनी बेटी का इलाज करवा रहे है। लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं लेकिन बच्ची अभी तक पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाई है। अब हालात ऐसे हैं कि सप्ताह में दो से तीन बार उन्हें प्रियाशी को लेकर चंड़ीगढ़ के जाना पड़ता है। लाखों

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सप्ताह में दो से तीन बार जाना पड़ रहा चंडीगढ़ PGI 

प्रियांशी की मां, पल्लवी शर्मा ने बताया कि पिछले दो साल से वे अपनी बेटी का इलाज करवा रहे हैं। लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन बच्ची अभी तक पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाई है। अब हालात ऐसे हैं कि सप्ताह में दो से तीन बार उन्हें प्रियांशी को लेकर चंडीगढ़ के PGI जाना पड़ता है। लगातार अस्पताल के चक्कर और महंगे इलाज के खर्च ने परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से थका दिया है।

परिवार की स्थिति और परेशानियां

पल्लवी शर्मा ने नम आंखों से कहा कि जो कुछ भी उनके पास था, उन्होंने सब अपनी बेटी के इलाज में लगा दिया, लेकिन अब उनके पास न तो पैसा बचा है और न ही इलाज जारी रखने की हिम्मत।

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उनके पति दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं, लेकिन बार-बार अस्पताल आने-जाने से उनका काम प्रभावित हो रहा है। घर चलाना और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। परिवार अपने मासूम बच्चे की तकलीफ और पीड़ा देखकर मानसिक रूप से बेहद परेशान है।

सरकार और समाज से मदद की अपील

इस बेबस परिवार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू, सरकार और समाज के दानी सज्जनों से बेटी की जान बचाने के लिए आर्थिक मदद की अपील की है। वहीं, पल्लवी शर्मा ने स्थानीय विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल द्वारा की गई मदद के लिए आभार भी जताया है।

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