#विविध

April 8, 2026

शिकारी देवी माता में भारी हिमपात : 3 फीट बर्फ में नंगे पांव चल पूजा करने आए पुजारी

भारी बर्फबारी में दिव्य हुआ देवी मां शिकारी का दरबार

शेयर करें:

Shikari Devi Temple Heavy Snowfall Priest Worship Mandi Himachal Weather

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित माता शिकारी देवी मंदिर इन दिनों कड़ाके की ठंड और भारी हिमपात के बीच आस्था का अद्भुत केंद्र बना हुआ है। यहां प्रकृति भले ही कठोर रूप दिखा रही हो, लेकिन श्रद्धालुओं और मंदिर समिति की भक्ति उससे कहीं अधिक मजबूत नजर आ रही है।

शिकारी देवी माता में भारी हिमपात

पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में करीब तीन फीट तक बर्फ जम चुकी है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल: 2 महीने में ही शादी से तंग आई महिला, ससुराल में खाया जह*र- पिता ने खोले दामाद के राज

नंगे पांव चल पूजा करने आए पुजारी

रास्ते पूरी तरह बाधित हैं और आम श्रद्धालुओं का पहुंचना फिलहाल मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम बिना रुके जारी है।  सबसे खास बात यह है कि यहां के पुजारी इस भीषण ठंड में भी नंगे पांव माता की सेवा में जुटे रहते हैं।

 

हिमाचल के इस मंदिर में 3 फीट बर्फ के बीच नंगे पांव पूजा करने पहुंचे पुजारी, पहाड़  की चोटी पर विराजमान हैं माता रानी - mata shikari devi temple priests pray  barefoot

विधि-विधान से पूजा संपन्न

बर्फ से ढके फर्श पर बिना जूते-चप्पल के पूजा करना उनकी आस्था और समर्पण को दर्शाता है। बुधवार को भी भारी हिमपात के बीच मंदिर समिति के सदस्य दिले राम ठाकुर ने विधि-विधान से माता की पूजा संपन्न की।

 यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार पर भड़के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, बोले- वीरभद्र मॉडल आपसे बेहतर था...

नवरात्र में खुले कपाट

चैत्र नवरात्र शुरू होते ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। सर्दियों में अत्यधिक बर्फबारी के कारण यह मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहता है। मगर नवरात्र के आगमन के साथ ही यहां फिर से धार्मिक गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। इस दौरान मंदिर समिति के 10 से अधिक सदस्य बारी-बारी से मंदिर में ठहरते हैं और सेवा करते हैं।

 

SHIKARI DEVI TEMPLE MANDI

सुबह-शाम होती है पूजा

मंदिर में ठहरे इन सदस्यों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था मंदिर परिसर में बनी सराय में ही की जाती है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे पूरे अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सुबह-शाम नियमित पूजा, दीप प्रज्वलन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी बाधा के जारी हैं।

यह भी पढ़ें : हिमाचल तेज बारिश में गिरा डंगा, कई घरों पर मंडराया खतरा- डर के साए में लोग

श्रद्धालुओं की संख्या घटी

हालांकि इस बार भारी बर्फबारी के चलते नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही है। आम दिनों में जहां बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं इस बार मौसम की मार के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। फिर भी मंदिर में मौजूद समिति के सदस्य ही श्रद्धा की लौ को जलाए रखे हुए हैं।

मौसम साफ होने पर टिकी नजरें

अब सभी की नजरें मौसम के साफ होने पर टिकी हैं। जैसे ही बर्फ हटाने के लिए मशीनरी पहुंचेगी और रास्ते बहाल होंगे, वैसे ही अन्य श्रद्धालु और समिति के सदस्य भी मंदिर तक पहुंच सकेंगे।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख