कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की पर्यटन नगरी धर्मशाला की खूबसूरत वादियों में ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए फिलहाल ब्रेक लग गया है। बदलते मौसम और बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सभी ट्रेकिंग साइट्स पर अस्थायी रोक लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनज़र हर रास्ते पर पुलिस तैनात रहेगी और आदेश की अनदेखी करने वालों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
पांच हजार होगा जुर्माना
बता दें कि पर्यटन नगरी धर्मशाला के त्रियूंड ट्रेक को लेकर अब प्रशासन ने नियम और भी सख्त कर दिए हैं। अगर कोई भी पर्यटक बिना पर्ची (एंट्री स्लिप) के ट्रेकिंग करता पकड़ा गया तो उसे सीधे 5,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके साथ ही त्रियूंड जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर चेक पोस्ट स्थापित कर दिए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति चोरी-छिपे या शॉर्टकट रास्तों से ट्रेकिंग न कर सके।
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200 होगी एंट्री फीस
मकलोडगंज और धर्मशाला के इस प्रसिद्ध ट्रेक पर अब हर पर्यटक को 200 रुपये की एंट्री फीस भी देनी होगी। वन विभाग इन चेक पोस्ट्स को निजी ठेके पर देने की तैयारी में है जिससे निगरानी और व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। अब त्रियूंड जाने के लिए गलू मंदिर, भागसूनाग वॉटरफॉल, धर्मकोट और चोहला-बनगोटू जैसे चार मुख्य रास्तों पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी।
बारिश के कारण रोका ट्रेक
मौसम के खराब मिजाज को देखते हुए फिलहाल ट्रेकिंग पर अस्थायी रोक भी लगा दी गई है। बर्फबारी और लगातार बारिश के कारण रास्ते फिसलन भरे और खतरनाक हो गए हैं जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में वन विभाग ने साफ तौर पर लोगों को सलाह दी है कि वे अभी ट्रेकिंग का प्लान टाल दें और मौसम सामान्य होने का इंतजार करें।
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नियमों का पालन न करने वालों पर होगी कार्रवाई
अकसर देखा गया है कि कई ट्रेकर्स चेक पोस्ट से बचने के लिए अलग और कम इस्तेमाल होने वाले रास्तों का सहारा लेते हैं लेकिन अब ऐसे लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी और जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य साफ है कि किसी भी तरह की लापरवाही से होने वाली अनहोनी घटनाओं को रोका जा सके।
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प्रशिक्षित गाइड्स के साथ करें ट्रैकिंगय
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रेकिंग हमेशा रजिस्टर्ड और प्रशिक्षित गाइड्स के साथ ही करनी चाहिए। बिना रजिस्टर्ड ट्रेकर के जाने पर अगर कोई परेशानी आती है तो उसकी जिम्मेदारी खुद ट्रेकर की होगी, विभाग इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा।
