शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की आहट के साथ ही हिमाचल की सुक्खू सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सुक्खू सरकार के इस फैसले के अनुसार हिमाचल में जो भी पंचायत निर्विरोध चुनी जाएगी, उस पर सरकार धनवर्षा करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने यह फैसला ग्रामीण स्तर पर आपसी भाईचारे और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया है। राज्य सरकार ने निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों को लाखों रुपये का प्रोत्साहन देने का ऐलान किया है। इस कदम को पंचायत राजनीति में सकारात्मक बदलाव की दिशा में अहम माना जा रहा है।

ग्रामीण विकास को मिलेगा नया आधार

राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में चुनावी तनाव और गुटबाजी को खत्म कर विकास कार्यों को प्राथमिकता देना है। सरकार का मानना है कि जब प्रतिनिधि बिना मुकाबले चुने जाएंगे, तो पंचायतें आपसी सहयोग और सामूहिक सोच के साथ आगे बढ़ेंगी, जिससे विकास योजनाओं को तेजी मिलेगी।

 

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ग्रामीण विकास को मिलेगा नया आधार

राज्य सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में चुनावी तनाव और गुटबाजी को खत्म कर विकास कार्यों को प्राथमिकता देना है। सरकार का मानना है कि जब प्रतिनिधि बिना मुकाबले चुने जाएंगे, तो पंचायतें आपसी सहयोग और सामूहिक सोच के साथ आगे बढ़ेंगी, जिससे विकास योजनाओं को तेजी मिलेगी। इसी के चलते सुक्खू सरकार ने प्रोत्साहन योजना शुरू की है।

निर्विरोध चुनाव पर लाखों का पुरस्कार

सरकार द्वारा तय किए गए प्रोत्साहन के तहत विभिन्न स्तर की पंचायत संस्थाओं को आकर्षक राशि दी जाएगी। जिसके तहत अगर ग्राम पंचायत निर्विरोध चुनी जाती है तो उस पंचायत को 10 लाख का इनाम दिया जाएगा। वहीं अगर पंचायत समिति का निर्विरोध चुनाव होता है तो उसे 5 लाख की इनामी राशि दी जाएगी। इसी तरह से जिला परिषद के निर्विरोध चुने जाने पर 15 लाख का इनाम दिया जाएगा। यह राशि सीधे संबंधित पंचायत या परिषद के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, ताकि इसका उपयोग स्थानीय विकास कार्यों में किया जा सके।

 

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सबकी सहमति] सबका विकास की सोच

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस योजना के पीछे सबकी सहमति सबका विकास का मूल मंत्र है। निर्विरोध चुनाव न केवल सरकारी खर्च को कम करेंगे] बल्कि गांवों में आपसी रिश्तों को भी मजबूत बनाएंगे। इससे पंचायतें आदर्श इकाइयों के रूप में विकसित हो सकेंगी।

योजना का लाभ लेने की जरूरी शर्त

इस योजना का लाभ पाने के लिए एक सख्त लेकिन स्पष्ट शर्त रखी गई है। संबंधित पंचायत या परिषद के सभी पदों पर उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह निर्विरोध होना चाहिए। यदि किसी एक पद पर भी मतदान की स्थिति बनती है, तो उस इकाई को इस प्रोत्साहन से वंचित रहना होगा।

 

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अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए जनप्रतिनिधि और ग्रामीण अपने नजदीकी खंड विकास अधिकारी (BDO) या जिला पंचायत अधिकारी (DPO) कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

राजनीतिक नजरिए से भी अहम पहल

पंचायत चुनावों से पहले सुक्खू सरकार का यह कदम राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक ओर यह योजना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की सकारात्मक छवि को भी मजबूत करेगी।

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