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April 11, 2026

हिमाचल: बाबा बालक नाथ का चमत्कार, खुशियों से भर दी दंपत्ति की झोली; वर्षों बाद हुआ पुत्र रत्न

पंजाब के दंपत्ति श्रद्धालु ने नव जन्मे बेटे के साथ बाबा के दर नवाया शीश

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baba balak nath

शाहतलाई (बिलासपुर)। देवभूमि हिमाचल में स्थित शक्तिपीठों के प्रति लोगों की आस्था उस समय और अधिक गहरी हो जाती है, जब उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसा ही आस्था और विश्वास का एक अनूठा उदाहरण हिमाचल के बिलासपुर में स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में देखने को मिला, जहां एक श्रद्धालु परिवार की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी होने से खुशी का माहौल बन गया।

तीन बेटियों के बाद पुत्र की कामना पूरी

जानकारी के अनुसार पंजाब के अमृतसर जिले के एक श्रद्धालु के घर पहले से तीन बेटियां थीं और परिवार लंबे समय से पुत्र प्राप्ति की कामना कर रहा था। अपनी इसी इच्छा को लेकर श्रद्धालु बीते साल पूरे विश्वास के साथ बाबा बालक नाथ के दरबार में पहुंचा और माथा टेक कर विशेष प्रार्थना करवाई। परिवार का कहना है कि उनकी यह प्रार्थना सच्चे मन से की गई थी, जिसे बाबा जी ने स्वीकार कर लिया और उनकी झोली खुशियों से भर दी।

 

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अरदास के बाद घर में गूंजी किलकारी

श्रद्धालु परिवार के अनुसार मंदिर में विधि.विधान से की गई प्रार्थना के कुछ समय बाद ही उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। करीब एक माह पूर्व उनके घर पुत्र रत्न का जन्म हुआ, जिससे पूरे परिवार में उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण बन गया। परिवार इस घटना को बाबा बालक नाथ की कृपा और चमत्कार मान रहा है और उनका कहना है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद कभी व्यर्थ नहीं जाती।

नवजात को लेकर पहुंचे बाबा के दरबार

मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु अपने परिवार और नवजात शिशु को लेकर एक बार फिर बाबा बालक नाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि.विधान से पूजा.अर्चना की, माथा टेका और बाबा जी का आभार व्यक्त किया। परिवार ने भावुक होकर बताया कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सुखद पल है, जिसे वे सदैव बाबा जी की कृपा के रूप में याद रखेंगे।

 

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पुजारी ने बताया आस्था का महत्व

मंदिर के पुजारी सरवण कुमार शर्मा ने बताया कि सच्चे मन और अटूट विश्वास के साथ की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है। उन्होंने कहा कि बाबा बालक नाथ अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं और समय आने पर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। मंदिर में ऐसे अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को और भी मजबूत करते हैं।

 

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श्रद्धालुओं के विश्वास का प्रमुख केंद्र

बाबा बालक नाथ मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां दूर-दराज से लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु यहां दोबारा आकर बाबा जी का धन्यवाद करते हैं और अपनी खुशियां साझा करते हैं। यही कारण है कि यह सिद्धपीठ आज भी श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।

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