शिमला। हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। प्रदेश की सुक्खू सरकार ने अब आगामी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए 300 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने का फैसला किया है। वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह कर्ज 15 वर्ष की अवधि के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से उठाया जाएगा और इसकी रकम 19 नवंबर तक प्रदेश सरकार के खाते में पहुंच जाएगी।
लोन पर टिका विकास
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय से राजस्व संग्रह और संसाधनों में कमी के बीच सरकार विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार उधार लेने पर निर्भर होती जा रही है। विपक्ष भी इसी मुद्दे को लेकर हमलावर है और आरोप लगा रहा है कि हिमाचल का विकास अब लोन के सहारे धकेलने का प्रयास हो रहा है, जबकि प्रदेश पर महीने.दर.महीने कर्ज का पहाड़ खड़ा होता जा रहा है।
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इस वित्त वर्ष में तय कर्ज सीमा पूरी
नया 300 करोड़ का कर्ज उठाने के बाद इस वित्त वर्ष की मौजूदा तिमाही के लिए सरकार की तय लोन सीमा लगभग पूरी हो गई है। अब दिसंबर महीने में केंद्र सरकार जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक की तिमाही के लिए नई कर्ज सीमा मंजूर करेगी।
कर्ज का आंकड़ा 1 लाख करोड़ के करीब
प्रदेश पर कुल देनदारी लगातार बढ़ रही है। अगस्त 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हिमाचल पर 98,182 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके बाद जुलाई 2025 में सरकार ने 1,000 करोड़, अगस्त में 1,500 करोड़, मई में 800 करोड़ और अक्टूबर में 200 करोड़ का कर्ज लिया। अब नया 300 करोड़ जोड़ने से cumulative debt एक बार फिर 1 लाख करोड़ के पार जाने की ओर बढ़ रहा है। आर्थिक जानकार चेतावनी देते हैं कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही तो आने वाले वर्षों में कर्ज पर ब्याज भुगतान ही प्रदेश के खर्चों का बड़ा हिस्सा खा जाएगा।
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वेतन और डीए भुगतान में कठिनाई
सूत्रों के अनुसार, राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति ऐसी है कि वेतन से जुड़े देय जैसे डीए की बकाया किस्त और कर्मचारियों के एरियर भी समय पर चुकाने में दिक्कत आ रही है। यही कारण है कि सरकार को अंतरिम वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार ऋण लेना पड़ रहा है।
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जीपीएफ पर 7.1% ब्याज तय
कर्ज अधिसूचना के साथ ही वित्त विभाग ने सामान्य भविष्य निधि (GPF) की ब्याज दर भी घोषित की है। अक्टूबर 2025 से दिसंबर 2025 की अवधि के लिए ब्याज दर 7.1% निर्धारित की गई है। यह अधिसूचना वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार द्वारा जारी की गई।
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विपक्ष का आरोप लोन पर चल रही सरकार
भाजपा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार हिमाचल को कर्ज के दलदल में धकेल रही है। हर महीने नए कर्ज लिए जा रहे हैं और विकास के नाम पर सिर्फ उधार से खर्च चल रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि वित्तीय संकट पूर्व सरकारों की वजह से है और मौजूदा समय में कर्ज लेकर विकास परियोजनाओं और जरूरी भुगतान को सुचारू रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
