शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के अध्ययन अवकाश यानी Study Leave से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। नए प्रावधानों के बाद अब उच्च शिक्षा या अध्ययन के लिए अवकाश पर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र कर्मचारियों को अध्ययन अवकाश के दौरान पूरा अवकाश वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भी देय होगा।

देश-विदेश में पढ़ाई, दोनों पर मिलेगा पूरा वेतन

वित्त विभाग ने 29 जुलाई 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। खास बात यह है कि संशोधित नियमों को 7 अगस्त 2024 से प्रभावी माना गया है। नियमों में किए गए संशोधन के अनुसार, सरकारी कर्मचारी अगर अपनी स्वीकृत स्टडी लीव के दौरान भारत में पढ़ाई करता है या उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाता है, तो उसे अध्ययन अवकाश के दौरान पूरा अवकाश वेतन मिलेगा।

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इसका मतलब है कि अध्ययन के लिए छुट्टी लेने वाले कर्मचारियों के वेतन में पहले की तरह कटौती नहीं होगी। इसके अलावा नियमों के अनुसार मिलने वाला महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भी जारी रहेगा।

छात्रवृत्ति या अन्य आय होने पर देना होगा प्रमाणपत्र

संशोधित नियमों में विदेश में अध्ययन करने वाले कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था स्पष्ट की गई है। यदि कोई कर्मचारी अध्ययन के उद्देश्य से विदेश जाता है तो उसे स्टडी लीव पर जाने से ठीक पहले ड्यूटी के दौरान मिलने वाले वेतन के आधार पर पूरा अवकाश वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही पात्रता के अनुसार DA और HRA का भुगतान भी किया जाएगा। इससे विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव कम होने की उम्मीद है।

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सरकार ने इसके साथ कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। यदि अध्ययन अवकाश के दौरान कर्मचारी को किसी प्रकार की छात्रवृत्ति, निर्वाह भत्ता या अंशकालिक रोजगार से पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है, तो उसे पूरा अवकाश वेतन प्राप्त होगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारी को निर्धारित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि उसे अध्ययन अवधि में इस तरह की कोई अतिरिक्त राशि प्राप्त नहीं हो रही है।

2024 से लागू माना जाएगा संशोधन

अगर किसी कर्मचारी को स्टडी लीव के दौरान छात्रवृत्ति, निर्वाह भत्ता या अंशकालिक रोजगार से कोई भुगतान प्राप्त होता है, तो उस राशि को उसके अवकाश वेतन के साथ समायोजित किया जाएगा। यानी सरकार ने एक तरफ कर्मचारियों को अध्ययन के दौरान पूरा वेतन और भत्तों की सुविधा दी है, वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त आर्थिक लाभ की स्थिति में उसके समायोजन की व्यवस्था भी स्पष्ट कर दी है।

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इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू इसकी प्रभावी तारीख है। अधिसूचना भले ही 29 जुलाई 2026 को जारी हुई है, लेकिन संशोधित प्रावधानों को 7 अगस्त 2024 से लागू माना गया है। इससे उन कर्मचारियों को भी लाभ मिल सकता है, जिनका अध्ययन अवकाश संशोधित प्रावधानों की प्रभावी तारीख के बाद शुरू हुआ है। संबंधित मामलों में वास्तविक लाभ नियमों और कर्मचारी की पात्रता के अनुसार निर्धारित होगा।

उच्च शिक्षा के लिए कर्मचारियों को मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार के इस फैसले को सरकारी कर्मचारियों के बीच उच्च शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है। स्टडी लीव के दौरान वेतन और भत्तों की चिंता कम होने से कर्मचारी अपने शैक्षणिक और पेशेवर विकास पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

खासकर ऐसे कर्मचारी जो विशेषज्ञता से जुड़े पाठ्यक्रम या उच्च शिक्षा के लिए देश से बाहर जाना चाहते हैं, उनके लिए यह संशोधन आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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