#अपराध

July 30, 2026

हिमाचल में चौंकाने वाला खुलासा : चिट्टे की सुई लगा रहे स्कूली बच्चे, बीमारियों का खतरा बढ़ा

अगले महीने नशा मुक्ति केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण

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शिमला। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और सपने होने चाहिए- उसी उम्र में कुछ किशोर नशे की गिरफ्त में पहुंच रहे है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सामने आई ये जानकारी ना सिर्फ अभिभावकों बल्कि पूर समाज के लिए चिंता का विषय है।

हिमाचल में चौंकाने वाला खुलासा 

जिला स्तरीय एनकॉर्ड (नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर) की बैठक में खुलासा हुआ कि 13 से 14 वर्ष की आयु के कुछ किशोर सिरिंज के माध्यम से नशे का सेवन कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे न केवल उनकी जान खतरे में पड़ रही है, बल्कि हेपेटाइटिस जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों का जोखिम भी तेजी से बढ़ रहा है।

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सिरिंज के जरिए बच्चे ले रहे नशा

बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में आयोजित जिला स्तरीय एनकॉर्ड बैठक के दौरान एक स्वयंसेवी संस्था की प्रतिनिधि ने यह गंभीर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संस्था के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें 13 से 14 साल के किशोर सिरिंज के जरिए नशा करते पाए गए।

 

उनका कहना था कि नशे के लिए सिरिंज का इस्तेमाल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है और इससे संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने नशे की चपेट में आए बच्चों और उनके अभिभावकों की नियमित काउंसिलिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि समय रहते उन्हें इस दलदल से बाहर निकाला जा सके।

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तस्करों की संपत्तियों की जांच होगी तेज

बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अनुपम कश्यप ने पुलिस अधिकारियों को नशे के कारोबार में संलिप्त तस्करों की संपत्तियों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व विभाग को ऐसे मामलों में निशानदेही रिपोर्ट जल्द पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा, ताकि अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई में देरी न हो।

नशा मुक्ति केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण

उपायुक्त ने बताया कि अगस्त माह में जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और निर्धारित मानकों की जांच की जाएगी। निरीक्षण के बाद नशा मुक्ति केंद्रों के संचालकों के साथ विशेष कार्यशाला आयोजित कर व्यवस्थाओं में सुधार और पुनर्वास प्रणाली को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

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पंचायतों से भी मांगा गया सहयोग

बैठक में पुलिस विभाग ने जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ दर्ज मामलों और विशेष अभियानों की जानकारी दी। वहीं स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण तथा अन्य विभागों ने जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रमों की प्रगति से अवगत कराया। प्रशासन ने माना कि जिले में लगातार चिट्टा तस्करी के मामलों में युवाओं की गिरफ्तारी हो रही है। ऐसे में अब पंचायतों से भी नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई है।

नशा मुक्त समाज के लिए सभी की जिम्मेदारी

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है।

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