शिमला। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के अनुसार आज हिमाचल की राजधानी शिमला में भी मॉक ड्रिल हुई। इसमें आम जनता को हवाई हमले से बचने की ट्रेनिंग दी गई। शिमला के संजौली और डीसी ऑफिस परिसर में शाम चार बजे मॉक ड्रिल की गई।
ऑपरेशन अभ्यास के तहत हुए इस मॉक ड्रिल में सबसे पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कार्यालय में आगजनी के दौरान सुरक्षित बचने का अभ्यास किया गया। शाम 4 बजे बमबारी के सायरन के साथ शुरू हुए इस अभ्यास में घायल हुए 3 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। संजौली में हवाई हमले की मॉक ड्रिल में चार लोग घायल और एक की मौत दिखाई गई। शिमला में शाम 7.20 बजे से 7.30 बजे तक ब्लैक आउट रखा गया।
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हवाई हमले का अभ्यास
शिमला के संजौली स्थित पार्किंग में पाकिस्तान के हवाई हमले की मॉक ड्रिल हुई। शाम 4 बजे हमले की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे। अग्निशमन, एसडीआरएफ, और एंबुलेंस टीमें 4:10 बजे घटनास्थल पर थीं। आग पर काबू पाने के बाद चार घायल और एक मृत व्यक्ति को निकाला गया। घायलों को आईजीएमसी भेजा गया। इस सारी कवायद का मकसद ऐसी किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बचाने की तैयारियों को परखने का था।
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सेना और होमगार्ड भी शामिल
शिमला के डीसी अनुपम कश्यप ने कहा कि मॉक ड्रिल समय पर और समन्वय के साथ पूरी हुई। सेना, होमगार्ड, और एसडीआरएफ ने उत्साह से काम किया। उन्होंने सिविल डिफेंस को मजबूत करने और आपदा किट तैयार करने की बात कही। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि ड्रिल ने रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी दिखाई। ड्रिल ने आपदा प्रबंधन में समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को उजागर किया। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से ऐसी तैयारियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
