शिमला। पूरे सप्ताह लगातार काम करने के बाद कर्मचारियों को सिर्फ एक दिन की छुट्टी मिलती है, लेकिन उनका तनाव कम नहीं हो पाता। इसी वजह से हिमाचल प्रदेश सचिवालय के कर्मचारियों ने अब सप्ताह में दो दिन अवकाश यानी फाइव-डे वीक की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों का मानसिक तनाव घटेगा, काम करने की क्षमता बढ़ेगी और सरकार को हर साल करीब 100 करोड़ रुपये की बचत भी होगी।
मुख्यमंत्री से रखी फाइव-डे वीक की मांग
सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संघ के अध्यक्ष राजिंद्र सिंह मियां ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पहले भी इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार फाइव-डे वीक लागू करती है तो कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन रोजाना एक घंटा अतिरिक्त काम करने के लिए भी तैयार हैं। उनका कहना है कि देश के कई राज्यों में पहले से यह व्यवस्था लागू है और वहां इसका अच्छा असर देखने को मिला है।
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223 खाली पद भरने की भी उठाई मांग
संघ ने मुख्यमंत्री के सामने सचिवालय में लंबे समय से खाली पड़े 223 लिपिकीय (क्लेरिकल) पदों को जल्द भरने की मांग भी रखी। कर्मचारियों का कहना है कि खाली पदों के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
ट्रेनी कर्मचारियों को भी मिले सचिवालय भत्ता
कर्मचारी संगठन ने वर्ष 2025 में नियुक्त 87 ट्रेनी कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति की तारीख से ही सचिवालय भत्ता देने की मांग की। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों को भी यह सुविधा देने की बात कही गई, जो अलग-अलग कार्यालयों में काम कर रहे हैं लेकिन अभी तक सचिवालय भत्ते से वंचित हैं।
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स्वास्थ्य केंद्र और दफ्तरों की सुविधाएं सुधारने की मांग
संघ ने सचिवालय परिसर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से खाली पड़े मेडिकल ऑफिसर के पद को भरने की मांग की। साथ ही कर्मचारियों के लिए आधुनिक मॉड्यूलर फर्नीचर, नए कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य जरूरी कार्यालय संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई, ताकि कामकाज और बेहतर तरीके से हो सके।
खराब इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बना परेशानी
कर्मचारियों ने सचिवालय परिसर में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि कमजोर नेटवर्क की वजह से ई-ऑफिस, ऑनलाइन बैठकें और दूसरे डिजिटल काम बार-बार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
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पार्किंग, कैंटीन और महंगाई भत्ते का भी उठा मुद्दा
इसके अलावा कर्मचारियों ने सचिवालय परिसर में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने, कैंटीन को बेहतर बनाने और लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और एरियर का जल्द भुगतान करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
