शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब बिना मान्यता और जरूरी पंजीकरण के निजी स्कूल चलाना स्कूल संचालकों को भारी पड़ सकता है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। नियमों को नजरअंदाज कर स्कूल चलाने वालों पर  एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अगले सप्ताह स्कूल संचालकों के साथ होगी बैठक

निजी स्कूल संचालकों को मान्यता लेने की पूरी प्रक्रिया समझाने के लिए अगले सप्ताह बैठक होगी। इसमें विभाग की ओर से स्कूल चलाने के लिए जरूरी नियम, दस्तावेज और पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। संचालकों को बताया जाएगा कि सिर्फ स्कूल खोल लेना काफी नहीं है, बल्कि विभाग से उसकी मान्यता लेना भी जरूरी है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में दो लोगों की देह मिलने से मचा हड़कंप, एक खड्ड किनारे तो दूसरा ट्रक में पड़ा मिला

स्कूल भवन और सुविधाओं के मानक पूरे करना जरूरी

स्कूल को मान्यता दिलाने के लिए संचालकों को कई जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें स्कूल भवन की स्थिति, बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं और विभाग की ओर से तय किए गए दूसरे नियम शामिल हैं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में तैनात थे फर्स्ट पैरा के जवान: हथिनीकुंड बैराज में डूबे- शरीर बरामद किया गया..

 

विभाग अब इन नियमों का पालन करवाने को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। जो स्कूल पंजीकरण या मान्यता की प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई: गुलेरिया

उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग कांगड़ा बलविंद्र सिंह गुलेरिया ने कहा कि बिना मान्यता स्कूल चलाने के मामलों को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा। निजी स्कूल संचालकों को नियमों के अनुसार पंजीकरण और मान्यता करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: कार से चिट्टा तस्करी करने निकले थे 2 यार, नाके पर पुलिस ने दबोचा; लाखों की खेप बरामद

 

अगले सप्ताह होने वाली बैठक में उन्हें मान्यता से जुड़ी सभी शर्तों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।