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September 5, 2026

हिमाचल में आफत की बारिश: भूस्खलन से बनी कृत्रिम झील से दहशत में लोग; 4 पंचायतों पर मंडराया खतरा

पहाड़ दरकने से हुए भूस्खलन ने रोका खड्ड का बहाव, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

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nalagarh landslide lake

नालागढ़/सोलन। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने अब लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सोलन जिले के कुमारहट्टी क्षेत्र में बारिश और भारी भूस्खलन के बाद ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया है, जिसने आसपास रहने वाले लोगों की रातों की नींद उड़ा दी।

 

चिकनी खड्ड में पहाड़ दरकने के बाद भारी मात्रा में पानी जमा हो गया और देखते ही देखते यहां कृत्रिम झील बन गई। पानी का बढ़ता स्तर आसपास की चार पंचायतों के लिए खतरे की घंटी बन गया। हालात ऐसे बने कि स्थानीय लोग पूरी रात दहशत में रहे। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है और बड़े स्तर पर काम शुरू किया गया है।

पहाड़ दरकने से आए मलबे ने रोका खड्ड का बहाव

कुमारहट्टी स्थित चिकनी खड्ड में भूस्खलन के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ। इसके बाद खड्ड में पानी जमा होने लगा और कुछ ही समय में यहां कृत्रिम झील जैसी स्थिति पैदा हो गई। पानी जमा होने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में बेचैनी बढ़ गई। लोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे।

 

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रात के समय खतरा और अधिक महसूस हुआ, क्योंकि अंधेरे में पहाड़ों से होने वाले किसी भी नए भूस्खलन या अचानक पानी के बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल था। चार पंचायतों के लोगों पर मंडराते संभावित खतरे ने प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी। हालांकि फिलहाल पानी की निकासी शुरू होने के बाद स्थिति में राहत के संकेत मिले हैं।

रातभर दहशत में रहे लोग

स्थानीय लोगों के लिए यह रात किसी डरावने सपने से कम नहीं रही। कृत्रिम झील में लगातार पानी जमा होने की खबर के बाद लोगों की नजरें खड्ड और पहाड़ी की तरफ टिकी रहीं। लोगों को आशंका थी कि अगर जलभराव और बढ़ा तो पानी अपना रास्ता बदल सकता है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण दोबारा भूस्खलन होने का खतरा भी बना हुआ था। ऐसे हालात में प्रशासन की ओर से लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

 

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प्रशासन ने संभाला मोर्चा

खतरे को देखते हुए नालागढ़ प्रशासन ने तत्काल जल निकासी के प्रयास शुरू किए। वैकल्पिक निकासी व्यवस्था तैयार किए जाने के बाद कृत्रिम झील में जमा पानी धीरे-धीरे बाहर निकलना शुरू हो गया है। उपमंडलाधिकारी नालागढ़ नरेंद्र कुमार आहलूवालिया ने कहा कि प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों के बाद पानी की निकासी शुरू हो गई है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से घबराने की बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

खड्ड के पास मत जाना’ प्रशासन की सख्त चेतावनी

हालांकि पानी की निकासी शुरू हो गई है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन ने लोगों को चिकनी खड्ड से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी स्थिति में खड्ड के नजदीक जाकर पानी का स्तर देखने या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं। साथ ही आसपास के नागरिकों को भी सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 

 

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नालागढ़-रामशहर सड़क भी बनी डेथ जोन, 15 फीट नीचे धंसा हिस्सा

इसी बीच कुमारहट्टी क्षेत्र में बारिश और भूस्खलन ने सड़क संपर्क को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। नालागढ़-रामशहर मार्ग पर कुमारहट्टी के पास सड़क का बड़ा हिस्सा करीब 15 फीट नीचे धंस गया। सड़क पर जगह-जगह गहरी और चौड़ी दरारें पड़ गई हैं। हालात इतने खतरनाक हैं कि मार्ग को पूरी तरह बंद करना पड़ा है। सड़क के नीचे धंसने से यहां किसी बड़े हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिछले वर्ष भी 6 अगस्त को इसी मार्ग पर सड़क धंसने की घटना हुई थी। इस साल फिर वही स्थिति सामने आने से स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

पूरे हिमाचल में बारिश ने बढ़ाई आफत

लगातार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। शनिवार सुबह 10 बजे तक राज्य में भूस्खलन और अन्य कारणों से 92 सड़कें बाधित थीं। इसके अलावा 44 बिजली ट्रांसफार्मर और 25 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

 

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आज भी बारिश का अलर्ट 

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि 6 से 10 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 11 सितंबर को फिर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से कमजोर हो चुकी जमीन को देखते हुए बारिश की वापसी भूस्खलन का खतरा फिर बढ़ा सकती है।

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