शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा और विवादास्पद निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार अब सरकारी अस्पतालों में पर्ची काटने के अब पैसे लेने जा रही है। बता दें कि अब सरकारी अस्पतालों में कई फ्री टेस्ट पर भी रोक लग गई है।
10 रूपए में कटेगी पर्ची
सरकार ने फैसला लिया है कि अब सरकारी अस्पतालों में ओपीडी रजिस्ट्रेशन पर्ची के लिए ₹10 शुल्क देना होगा।इसके साथ ही, अस्पतालों में कराए जाने वाले 133 प्रकार के टेस्ट भी अब पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेंगे।
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5 जून से प्रदेश में लागू होगा नया आदेश
जानकारी के अनुसार यह आदेश 5 जून 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सचिव की ओर से अधिसूचना 3 जून को जारी की गई है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय स्वास्थ्य संस्थानों में दी जाने वाली सेवाओं जैसे स्वच्छता, उपकरणों की देखरेख और अवसंरचना को बेहतर करने के उद्देश्य से लिया गया है।
किन्हें मिलेगी छूट?
हालांकि सरकार ने कुछ संवेदनशील वर्गों को राहत देने की बात भी की है। कुल 14 श्रेणियों को इस नए शुल्क से पूर्ण छूट दी गई है, जिनमें शामिल हैं:
- कैंसर व किडनी मरीज
- गर्भवती महिलाएं
- 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक
- टीबी, एचआईवी व मानसिक रोगी
- दिव्यांगजन
- आपदा पीड़ित
- जेल बंदी
- एनआरएचएम लाभार्थी
- निशुल्क दवा योजना से जुड़े मरीज
- बाल सुधार गृह, वृद्धाश्रम व अनाथालयों में रहने वाले लोग
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क्या कहती है सरकार
स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल का पहले भी यह बयान सामने आ चुका है कि लोग ओपीडी की पर्चियां संभाल कर नहीं रखते हैं, जिससे रिकॉर्ड व्यवस्था में गड़बड़ी होती है। ऐसे में सरकार ने ₹10 शुल्क तय करने का फैसला लिया है, ताकि सेवाओं में अनुशासन और संसाधन जुटाने की प्रक्रिया मजबूत हो।
मुफ्त सेवाओं पर कटौती शुरू
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। हाल ही में सुक्खू सरकार ने 800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। वित्तीय बोझ को हल्का करने के लिए अब फ्री सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है।
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