शिमला। समर सीजन में हिमाचल प्रदेश की राजधानी में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार द्वारा पंजाब में 6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर बनाने की परियोजना को मंजूरी मिल गई है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि इसका असर सिर्फ पंजाब तक नहीं, बल्कि हिमचाल पर भी पड़ेगा।
नितिन गडकरी ने दी जानकारी
बता दें कि केंद्र सरकार ने 1,463.95 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह स्पर नेशनल हाईवे-205A के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बाइपास से जोड़ेगा और ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा बनेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की।
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हिमाचल के यात्रियों को जाम से राहत
चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के जंक्शनों पर लगने वाला लंबा ट्रैफिक जाम हिमाचल जाने वालों के लिए सालों से परेशानी बना हुआ है। खासकर वीकेंड और पर्यटन सीजन में शिमला, सोलन और सिरमौर की ओर जाने वाले वाहनों को घंटों रुकना पड़ता है।
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नए स्पर के बनने से ट्रैफिक शहरों के भीतर से गुजरने के बजाय सीधे डायवर्ट होगा। इससे नेशनल हाईवे-44, 205A और 152 पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए सफर ज्यादा स्मूथ और समय की बचत वाला होगा।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बूस्ट
हिमाचल की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है। ट्रैफिक जाम कम होने से वीकेंड टूरिज्म और बढ़ सकता है। शिमला रीजन, कसौली, चैल और सिरमौर बेल्ट तक पहुंच आसान होगी।
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इसके अलावा फल-सब्जी और अन्य व्यापारिक परिवहन को भी राहत मिलेगी। तेज कनेक्टिविटी से ट्रांसपोर्ट कॉस्ट में कमी आने की उम्मीद है, जिसका फायदा प्रदेश के व्यापारियों को मिल सकता है।
मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने जताया आभार
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस परियोजना को पंजाब के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। हालांकि हिमाचल के लिहाज से असली परीक्षा तब होगी जब यह प्रोजेक्ट तय समय पर जमीन पर उतरता दिखे। फिलहाल उम्मीद यही है कि यह कॉरिडोर ट्राइसिटी के जाम से निकलकर हिमाचल की ओर जाने वाले सफर को नई रफ्तार देगा।
