शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी मिल्क फेडरेशन ने एक बार फिर महंगाई से जूझ रही आम जनता की जेब पर बोझ डाल दिया है। बता दें कि सरकार की ओर से दूघ और घी पर
ये रहेगी नई कीमत
अब घी की नई कीमत ₹720 प्रति किलो हो गई है, जबकि पहले यह ₹670 थी। गौर करने वाली बात यह है कि ठीक एक साल पहले, जून 2024 में भी दूध और घी की कीमतें ठीक इतनी ही बढ़ाई गई थीं।1 जून से दूध की कीमत ₹2 प्रति लीटर बढ़ाकर ₹53 कर दी गई है। इसी के साथ देशी घी की दरें भी ₹50 प्रति किलो बढ़ा दी गई हैं।
जनता में आक्रोश
कीमतों में लगातार दूसरे साल हुई बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं में रोष है। न केवल दरें बढ़ रही हैं, बल्कि उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकारी ब्रांड की सप्लाई भी बेहद अस्थिर है। कई इलाकों में दूध समय पर नहीं पहुंचता और अब तो देशी घी आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
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डिपो संचालकों की मुश्किलें भी बढ़ीं
डिपो होल्डरों का कहना है कि सप्लाई समय पर न मिलने से उन्हें ग्राहकों की नाराजगी झेलनी पड़ती है। एक डिपो संचालक ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हमसे ग्राहक सवाल करते हैं, पर हमारे पास भी कोई जवाब नहीं होता। सप्लाई ही ठीक नहीं है, तो दाम बढ़ने का कोई मतलब नहीं बनता।
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उपभोक्ता मंच ने उठाई आवाज
उपभोक्ता कल्याण मंच के अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि लगातार दूसरे साल दाम बढ़ाना समझ से परे है। जब तक सप्लाई सिस्टम ठीक नहीं होता, तब तक मूल्यवृद्धि केवल जनता की जेब काटने जैसा है। उन्होंने मांग की कि दूध और घी की दरें तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए, सप्लाई चेन को ठीक किया जाए और गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।
