कुल्लू। महाशिवरात्रि के अवसर पर नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत इस वर्ष देव समाज ने एक अहम कदम उठाया है। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में, खासकर मनाली बाजार स्थित सियाल, सियाली महादेव मंदिर और ब्राण गांव के नीलकंठ महादेव मंदिर में अब भांग का घोंटा प्रसाद के रूप में नहीं बनेगा।
भांग के घोंटे पर रोक
इसके स्थान पर भक्तों को खीर, फल और अन्य धार्मिक प्रसाद वितरित किया जाएगा। हर साल महाशिवरात्रि पर इन शिवालयों में भांग का घोटा बनाया जाता था, जिसे श्रद्धालु प्रसाद के रूप में ग्रहण करते थे। लेकिन इस बार सामाजिक चेतना और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह परंपरा बदली गई है। खासकर, नीलकंठ महादेव मंदिर ब्राण में यह परिवर्तन पहली बार हुआ है, जहां भक्तों को साबुदाने की खीर दी जाएगी।
ग्रामीणों ने लिया फैसला
बताते चलें कि सियाली महादेव मंदिर के कारदार जयचंद ठाकुर ने बताया कि सियाल और बनसारी गांव के लोगों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि चिट्टा और अन्य घातक नशों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए इस बार घोंटा नहीं बनाया जाएगा। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को समर्थन देने के लिए शिव मंदिरों में घोटा प्रसाद के रूप में नहीं दिया जाएगा।
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भक्तों को मिलेंगे फल और खीर
इस बदलाव के साथ, भक्तों को खीर, फल और अन्य धार्मिक प्रसाद वितरित किए जाएंगे, जिससे न केवल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलेगी, बल्कि यह परंपरा भी एक स्वस्थ संदेश देगा। इससे देव समाज की ओर से यह प्रयास किया गया है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नशे के खिलाफ एक सशक्त आवाज उठाई जाए और स्वस्थ समाज की दिशा में एक कदम और बढ़ाया जाए।
