शिमला। हिमाचल प्रदेश में नए साल का स्वागत इस बार बदले हुए मौसम के बीच होने जा रहा है। जहां एक ओर लोग जश्न की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं मौसम का मिज़ाज ठंड, कोहरे और बर्फबारी के साथ चुनौती भी पेश कर सकता है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने आने वाले दिनों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

30 दिसंबर से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 30 दिसंबर से प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से मध्य और उच्च पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी की संभावना है। वहीं 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है।

 

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दो दिन शुष्क रहेगा मौसम

28 और 29 दिसंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में देर रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इसको लेकर सात जिलों में अलर्ट जारी किया है।

सात जिलों में कोहरे का अलर्ट

ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के कई इलाकों में कोहरे के कारण दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह सकती है। खासतौर पर बिलासपुर जिले के लिए घने से बहुत घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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तापमान में आएगी गिरावट

अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। मध्य और ऊंची पहाड़ियों में शीत दिवस और शीत लहर जैसी स्थिति भी बन सकती है।

सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने कोहरे के दौरान वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। धीमी गति से वाहन चलाने, फॉग लाइट के इस्तेमाल और अनावश्यक यात्रा से बचने की हिदायत दी गई है। वहीं शीत लहर को देखते हुए लोगों को गर्म कपड़े पहनने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

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पर्यटन के लिए मौसम बनेगा आकर्षण

नए साल के मौके पर बर्फबारी की संभावना से शिमला, मनाली, कुफरी, नारकंडा और लाहौल-स्पीति जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि रोमांचक मौसम के साथ सतर्कता भी जरूरी होगी।

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