कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी निकायों में रविवार सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हो गई। प्रदेशभर में मतदाता अपने-अपने वार्डों में पहुंचकर पार्षदों के चयन के लिए मतदान कर रहे हैं।

चुनाव के लिए भारी उत्साह

चुनाव को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। मतदान प्रक्रिया दोपहर बाद तीन बजे तक जारी रहेगी, जिसके बाद मतगणना का दौर शुरू होगा।

 

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चुनावी माहौल में राजनीति...

इन निकाय चुनावों में प्रदेश के कुल 3 लाख 62 हजार 667 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 439 पार्षदों का भविष्य तय करेंगे। चुनावी मैदान में कुल 1147 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बार मुकाबला कई स्थानों पर बेहद रोचक माना जा रहा है, क्योंकि स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति का असर भी चुनावी माहौल में साफ दिखाई दे रहा है।

550 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं

राज्य के चार नगर निगम सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला के अलावा 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों में मतदान करवाया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए करीब 550 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

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कब घोषित होगा परिणाम?

नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद शुरू होने वाली मतगणना के जरिए सामने आने लगेंगे। वहीं, नगर निगम चुनावों के परिणामों के लिए 31 मई तक इंतजार करना पड़ेगा।

 

नगर निगमों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया है और मतदान खत्म होने के बाद इन मशीनों को जिला मुख्यालयों के स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा।

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इस बार के चुनाव बेहद अहम

राजनीतिक दृष्टि से इस बार के नगर निगम चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ने इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चूंकि नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़े जा रहे हैं, इसलिए इनके परिणामों को आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल का संकेत माना जा रहा है।

3600 कर्मचारी-अधिकारी ड्यूटी पर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए लगभग 3600 कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

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सुरक्षा कर्मी भी तैनात

प्रत्येक मतदान दल में एक प्रीसाइडिंग अधिकारी, तीन पोलिंग अधिकारी और दो सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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