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May 14, 2026
हिमाचल नगर निकाय चुनाव का काउंटडाउन शुरू : कल थमेगा प्रचार का शोर; ड्राई-डे घोषित
17 मई को सुबह 7 बजे शुरू होगी वोटिंग
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। प्रदेश के 4 नगर निगमों समेत कुल 51 शहरी निकायों में होने वाले चुनाव के लिए अब काउंटडाउन शुरू हो गया है।
चुनाव प्रचार का समय तेजी से खत्म हो रहा है और 15 मई दोपहर 3 बजे के बाद चुनावी शोर पूरी तरह थम जाएगा। इसके साथ ही प्रत्याशियों की रैलियां, रोड शो, ढोल-नगाड़ों के साथ प्रचार और बड़े चुनावी कार्यक्रमों पर रोक लग जाएगी।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, तय समय के बाद उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर व्यक्तिगत संपर्क अभियान ही चला सकेंगे। प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं।
चुनाव प्रचार थमने के साथ ही प्रदेश में ड्राई-डे भी लागू हो जाएगा। 15 मई दोपहर 3 बजे से लेकर मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक शराब की बिक्री और परोसने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान शराब के ठेके, बीयर बार, होटल और अन्य लाइसेंसी प्रतिष्ठान बंद रखने होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने आबकारी एवं कराधान विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगर कोई व्यक्ति या संस्थान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। चुनाव के दौरान शराब वितरण रोकने के लिए विशेष निगरानी टीमें भी सक्रिय कर दी गई हैं।
प्रदेश के सभी शहरी निकायों में 17 मई को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा। मतदाता दोपहर 3 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदान के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और पोलिंग पार्टियों की तैनाती भी शुरू हो चुकी है।
नगर परिषद और नगर पंचायतों में मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। हालांकि सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों के चुनाव परिणामों के लिए लोगों को 31 मई तक इंतजार करना पड़ेगा। इन नगर निगमों में चुनाव पार्टी चिन्ह पर हो रहे हैं, इसलिए इन पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेशभर में कुल 439 पदों के लिए 1147 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इस बार कई स्थानों पर मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है।
जिला वार आंकड़ों पर नजर डालें तो कांगड़ा में सबसे ज्यादा 218 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा बिलासपुर में 87, चंबा में 72, हमीरपुर में 44, कुल्लू में 100, मंडी में 180, शिमला में 123, सिरमौर में 84, सोलन में 121 और ऊना में 118 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
इन चुनावों में प्रदेश के करीब 3.80 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार कुल मतदाताओं में 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिला और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं।
चुनाव प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से संपन्न करवाई जाएगी। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
प्रदेश की राजनीति में इस बार नगर निगम चुनावों को काफी अहम माना जा रहा है। खासतौर पर सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगम चुनावों पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है, क्योंकि यहां चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़े जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इन चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। यही वजह है कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। वरिष्ठ नेताओं से लेकर मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों तक ने चुनावी मैदान में डेरा डाल रखा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश के कुछ वार्डों में पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इनमें नगर पंचायत करसोग के वार्ड नंबर 1 और 3, नगर परिषद ज्वालामुखी के वार्ड नंबर 2, नगर पंचायत बंजार के वार्ड नंबर 6, नगर पंचायत रिवाल्सर के वार्ड नंबर 1, नगर पंचायत नेरवा के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 तथा नगर पंचायत चिड़गांव के वार्ड नंबर 2 शामिल हैं।
इन वार्डों में प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने के बाद संबंधित क्षेत्रों में समर्थकों ने खुशी भी जताई। अब बाकी सीटों पर मुकाबले को लेकर चुनावी माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है।