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May 14, 2026

हिमाचल BJP में बगावत का विस्फोट- कांग्रेस छोड़कर आए नेता को दी टिकट, विधायक पर उठे सवाल

भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने

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मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के बीच राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। चुनावी सरगर्मियों के बीच अब कई क्षेत्रों में बगावती सुर भी तेज हो गए हैं।

भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने

खासतौर पर मंडी जिला के बल्ह क्षेत्र में BJP में उपजा असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। टिकट वितरण को लेकर नाराज कार्यकर्ता अब पार्टी लाइन से हटकर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं, जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

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टिकट वितरण को लेकर खींचतान

बल्ह क्षेत्र में स्थानीय निकाय और जिला परिषद चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब सड़कों तक पहुंच चुकी है। पार्टी कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा नाराजगी उन नेताओं को टिकट दिए जाने को लेकर है, जो हाल ही में दूसरे दलों से भाजपा में शामिल हुए हैं। लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

कांग्रेस से आए नेता को टिकट मिलने पर बढ़ा विवाद

जिला परिषद के गोड़ागागल वार्ड से भाजपा ने पंकज शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। बताया जा रहा है कि पंकज शर्मा कुछ समय पहले तक कांग्रेस से जुड़े हुए थे और 20 सूत्रीय कार्यक्रम समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। भाजपा के इस फैसले ने स्थानीय संगठन में असंतोष की आग भड़का दी है।

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चुनाव लड़ने का फैसला

पिछले चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी रहे अनिल कुमार उर्फ डिंपल ने इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। उनके मैदान में उतरने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। समर्थकों का कहना है कि वर्षों तक पार्टी के लिए काम करने वालों की अनदेखी कर बाहरी नेताओं को तरजीह देना कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ने जैसा है।

अनुराग ठाकुर समर्थकों ने भी खोला मोर्चा

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के समर्थकों ने भी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीरेंद्र ठाकुर और कुलदीप नेगी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बल्ह भाजपा में गुटबाजी अब खुलकर सामने आ चुकी है और इसका असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ सकता है।

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एकजुटता पर उठे सवाल

स्थिति इतनी जटिल हो गई है कि नगर परिषद नेरचौक और नगर पंचायत रिवालसर में पार्टी कई वार्डों में अधिकृत उम्मीदवार तय करने तक का साहस नहीं जुटा पाई। कई स्थानों पर भाजपा के ही दो या तीन कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर गए हैं, जिससे संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बैहल वार्ड में भी फूटा असंतोष

जिला परिषद के बैहल वार्ड में भी टिकट वितरण के बाद नाराजगी खुलकर सामने आई है। यहां कई दावेदार टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन पार्टी ने पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय रावत को उम्मीदवार घोषित कर दिया।

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इसके बाद अन्य कार्यकर्ताओं ने बगावती रुख अपना लिया। जानकारी के अनुसार इस वार्ड में भाजपा से जुड़े करीब 15 कार्यकर्ता निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। इससे पार्टी का वोट बैंक बंटने की आशंका बढ़ गई है।

कांग्रेस ने चली रणनीतिक चाल

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इस अंदरूनी कलह का फायदा उठाने की कोशिश में जुटी हुई है। लोअर रिवालसर क्षेत्र में कांग्रेस ने अपने ब्लॉक अध्यक्ष पवन ठाकुर से इस्तीफा दिलवाकर उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि भाजपा में चल रही गुटबाजी का लाभ कांग्रेस को मिल सकता है।

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जातिगत समीकरणों को लेकर भी नाराजगी

पार्टी के भीतर यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि टिकट वितरण में एक विशेष जाति को अधिक महत्व दिया जा रहा है। इसको लेकर भी कई कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।

पार्टी को जीत दर्ज करने की मशक्कत

कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में लंबे समय से काम कर रहे लोगों की उपेक्षा पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। नगर निगम मंडी के वार्ड नंबर 15 दौहंदी में भी भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यहां पार्टी को जीत दर्ज करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

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चिंता का विषय बनी भाजपा

चुनाव से ठीक पहले सामने आई यह अंदरूनी कलह भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व बगावती सुरों को शांत कर संगठन को एकजुट रखने में कितना सफल हो पाता है।

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