शिमला/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का दिल्ली दौरा राजनीतिक और विकास—दोनों ही लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर प्रदेश की सड़क परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की मंजूरी और नई परियोजनाओं को गति देने की मांग उठाई, तो दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात कर हिमाचल कांग्रेस की जमीनी स्थिति, संगठन की कार्यप्रणाली और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।
राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को केवल शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि विकास और संगठन—दोनों मोर्चों पर कांग्रेस की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि विक्रमादित्य सिंह ने दिल्ली में एक साथ केंद्र सरकार और पार्टी हाईकमान के सामने हिमाचल से जुड़े अहम मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा।
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गडकरी के सामने रखीं सड़क परियोजनाएं
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हुई बैठक में विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश की कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एनएच-305 (सैंज–लूरी–बंजार–औट) मार्ग पर बंजार से औट के बीच सड़क सुधार और तारकोल बिछाने के लिए 25.11 करोड़ रुपये जारी करने को केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
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बैठक के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने लंबे समय से प्रस्तावित जलोड़ी सुरंग परियोजना को भी प्रमुखता से उठाया। लगभग 1,775 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया, जिस पर नितिन गडकरी ने मंत्रालय के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एनएच-303 (नगरोटा बगवां–रानीताल मार्ग) के लिए 395 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति जताई।
सेब उत्पादकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी उठाई आवाज
लोक निर्माण मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत स्वीकृत दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। इनमें टीकर–जारोल–गहन–नानखड़ी–खमाड़ी मार्ग तथा छैला–नेरीपुल–यशवंत नगर–कुमारहट्टी मार्ग के उन्नयन कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से विशेष रूप से सेब उत्पादकों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।
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इसके साथ ही उन्होंने सेतु बंधन योजना के तहत पुल निर्माण के लिए अतिरिक्त धनराशि, CRIF के अंतर्गत अधिक परियोजनाओं की स्वीकृति तथा वार्षिक आवंटन बढ़ाने की भी मांग रखी। नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रियंका गांधी से संगठन और राजनीति पर लंबी चर्चा
दिल्ली दौरे का दूसरा महत्वपूर्ण पड़ाव कांग्रेस हाईकमान के साथ बैठक रहा। विक्रमादित्य सिंह ने प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात कर हिमाचल कांग्रेस संगठन की मौजूदा स्थिति, पार्टी की गतिविधियों और जमीनी राजनीतिक माहौल की विस्तृत जानकारी साझा की।
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सूत्रों के अनुसार, बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। विक्रमादित्य सिंह ने प्रियंका गांधी को प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों, सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों और संगठन की गतिविधियों का फीडबैक भी दिया।
सरकार के कामकाज की भी दी जानकारी
बैठक के दौरान उन्होंने प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रमुख विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी निर्णयों और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। साथ ही प्रदेश की जनता से जुड़े प्रमुख मुद्दों और उनके समाधान के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी साझा की।
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देवभूमि आने का दिया न्यौता
विक्रमादित्य सिंह ने प्रियंका गांधी वाड्रा को हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने आग्रह किया कि उनके दौरे से प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा होगा और संगठन को और मजबूती मिलेगी।
विकास और राजनीति दोनों पर फोकस
विक्रमादित्य सिंह का यह दिल्ली दौरा साफ संकेत देता है कि कांग्रेस सरकार एक ओर केंद्र से हिमाचल के लिए अधिक से अधिक वित्तीय सहायता और सड़क परियोजनाओं को गति दिलाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी संगठन को भी आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। ऐसे में यह दौरा विकास और राजनीतिक प्रबंधन—दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
