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September 20, 2026
हिमाचल : मेले में चीफ गेस्ट बन पहुंचा BDO, विभाग ने अगले ही दिन किया सस्पेंड
पंचायत सचिवों के तबादले भी चर्चा मेंपंचायत सचिवों के तबादले भी चर्चा में
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मंडी। मेले देवभूमि हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ यहाँ की शान हैं। मगर प्रदेश में आयोजित एक मेले में खंड विकास अधिकारी यानी BDO साहब को चीफ गेस्ट बनकर जाना महंगा पड़ गया। क्योंकि अगले ही दिन उन्हें विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा सस्पेंड कर दिया गया।
दरअसल, मामला हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी से सामने आया है। यहाँ ग्रामीण विकास विभाग ने गोहर के खंड विकास अधिकारी पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेश में निलंबन की वजह सक्षम उच्च प्राधिकारी द्वारा जारी वैध निर्देशों का पालन और उनका क्रियान्वयन नहीं करना बताया गया है।
पवन कुमार के खिलाफ हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम, 1965 के नियम 10 के तहत कार्रवाई की गई है। विभाग ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्णय भी लिया है। हालांकि, आधिकारिक आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन निर्देशों का पालन नहीं हुआ और इसके पीछे पूरी परिस्थितियां क्या थीं।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्रामीण विकास विभाग निदेशालय, शिमला निर्धारित किया गया है। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। यह कार्रवाई गोहर क्षेत्र में चल रहे जिलास्तरीय ख्योड़ नलवाड़ मेले के बीच सामने आई है। स्थानीय स्तर पर निलंबन को मेले से जुड़े घटनाक्रम से जोड़कर भी चर्चा हो रही है।
रिपोर्टों के अनुसार पवन कुमार मेले की पहली संध्या में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और इसके अगले दिन उनका निलंबन आदेश सामने आया। हालांकि, महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग के आधिकारिक आदेश में मेले या मुख्य अतिथि के रूप में उनकी मौजूदगी को निलंबन का कारण नहीं बताया गया है। इसलिए मेले से जुड़ी चर्चाओं को फिलहाल स्थानीय स्तर की अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बीच गोहर विकास खंड की बासा और सेरी पंचायतों से जुड़े दो पंचायत सचिवों के तबादले के मामले की भी चर्चा है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें निर्धारित समय में कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन अतिरिक्त पंचायतों की जिम्मेदारी और बाद में चिकित्सा अवकाश के चलते प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। हालांकि, निलंबन आदेश में इन तबादलों का सीधे उल्लेख नहीं है। ऐसे में दोनों घटनाओं के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
उधर, नाचन के विधायक विनोद कुमार ने बीडीओ के खिलाफ हुई कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। अब विभागीय जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि किन सरकारी निर्देशों की कथित तौर पर अवहेलना हुई और संबंधित अधिकारी का पक्ष क्या है। फिलहाल विभाग ने पवन कुमार को निलंबित कर अनुशासनात्मक प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।