मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कोटली क्षेत्र की सेहली पंचायत में दो मासूम सगे भाई.बहन की मौत के बाद अब एक और घटना ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। शनिवार को सांप के काटने से 9 और 6 साल के दो बच्चों की मौत के बाद परिवार ने जिस सांप को घर से दूर छोड़ दिया था, उसके दोबारा उसी घर की तरफ लौटने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि सांप फिर उसी कमरे में घुसने की कोशिश करता दिखाई दिया, तो ग्रामीणों ने इस बार उसे जिंदा छोड़ने का जोखिम नहीं उठाया और डंडों से पीटकर उसे मार डाला।

9 और 6 साल के मासूम भाई.बहन की हुई थी मौत

सेहली पंचायत में दो सगे भाई.बहन की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई थी। दोनों बच्चों की उम्र महज 9 और 6 वर्ष थी। रात को दोनों बच्चांे के पेट में तेज दर्द और उल्टियां होने लगी थीं। इसी दौरान परिवार ने कमरे में काले सांप को देखा था। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों के बीच सांप के काटने की आशंका को लेकर चिंता और बढ़ गई।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : PG की छात्राओं को गंदे इशारे करता था बुजुर्ग- कैमरे में हुआ कैद, थाने पहुंचीं लड़कियां

जिस सांप को दूर छोड़ाए वही फिर घर की ओर लौट आया

बच्चों की मौत के बाद परिवार ने कमरे में मिले सांप को पकड़कर घर से दूर छोड़ दिया था। लोगों को उम्मीद थी कि अब खतरा टल गया है। लेकिन बीते रोज रात करीब आठ बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब कथित तौर पर वही सांप दोबारा घर और उसी कमरे की ओर बढ़ता दिखाई दिया। जिस कमरे में कुछ समय पहले दो मासूमों की जिंदगी खत्म हो गई थी, उसी कमरे की ओर जहरीले सांप की दोबारा दस्तक ने ग्रामीणों के रोंगटे खड़े कर दिए।

इस बार ग्रामीणों ने नहीं दिखाई रहम

सांप को कमरे की तरफ बढ़ता देख ग्रामीण तुरंत सतर्क हो गए। लोगों ने उसे घेर लिया और कमरे में प्रवेश करने से पहले ही डंडों से उस पर वार शुरू कर दिए। काफी मशक्कत के बाद सांप को मार दिया गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में राहत तो दिखी, लेकिन दो बच्चों की मौत के बाद पैदा हुआ डर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : गाय को रोटी देने आई थी 9 वर्षीय लड़की, 55 साल के आदमी ने की गंदी हरकत

कॉमन करैत होने का दावा, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

ग्रामीणों के अनुसार मारे गए सांप की प्रारंभिक पहचान कॉमन करैत के रूप में की जा रही है। यह सांप अत्यंत विषैला माना जाता है और मुख्य रूप से रात के समय सक्रिय रहता है। हालांकि, सांप की प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद ही मानी जाएगी। वहीं, बच्चों की मौत का कारण भी अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

बच्चों की मौत सांप के जहर से हुई या कोई और वजह

बच्चों की तबीयत बिगड़ने और उसी दौरान कमरे के पास सांप मिलने से सांप के काटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केवल सांप मिलने के आधार पर मौत का कारण निश्चित नहीं किया जा सकता। बच्चों की मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही चल पाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दोनों मासूमों की मौत जहरीले सांप के जहर से हुई थी या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था।

यह भी पढ़ें- हिमाचल की बिटिया ने बढ़ाया मान- सेना में मेजर बनीं आंचल, वर्दी पर सितारे देख मां-बाप भावुक

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

सांप के जहर के प्रभाव में पेट दर्द, उल्टी, कमजोरी, अत्यधिक बेचैनी, आंखों की पलकें झुकना, बोलने या निगलने में परेशानी और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। हालत गंभीर होने पर बेहोशी और सांस की मांसपेशियों के लकवाग्रस्त होने का खतरा भी रहता है।

सांप काटे तो तुरंत अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी

सांप के काटने की आशंका होने पर पीड़ित को शांत रखना चाहिए और उसे बेवजह चलने या दौड़ने नहीं देना चाहिए। प्रभावित अंग को स्थिर रखने के साथ जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। संभव हो तो एंबुलेंस की मदद लेनी चाहिए और चिकित्सकों को सांप के काटने की पूरी जानकारी देनी चाहिए।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें