मंडी। हिमाचल प्रदेश में हाली ही में सम्पन्न हुए नगर परिषद चुनाव में एक ऐसा नतीजा सामने आया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। जहां चुनाव प्रचार के दौरान समर्थकों की भीड़, घर-घर संपर्क और बड़े दावों के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी को मतगणना में सिर्फ एक वोट मिला। इस परिणाम के बाद इलाके में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रत्याशी को अपने करीबी लोगों का भी साथ नहीं मिला। सोशल मीडिया पर भी यह मामला जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।
भाजपा छोड़ कांग्रेस का थामा था दामन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडी जिले के सरकाघाट नगर परिषद चुनाव का एक नतीजा इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। वार्ड नंबर-7 बैहड़ से कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सुमित कुमार को मतगणना में केवल एक वोट मिला है।
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दरअसल, सुमित कुमार पहले भाजपा से जुड़े हुए थे, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए सुमित को उस समय संगठन के लिए मजबूत चेहरा बताया गया था। इसके बाद वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय दिखाई देते रहे और कई जनसंपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे।
परिवार ने भी नहीं दिया उनका साथ
नगर परिषद चुनाव में आरक्षण बदलने के बाद उन्होंने वार्ड नंबर-7 से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से समर्थन मांगा। इलाके में पोस्टर, बैनर और प्रचार अभियान भी जोर-शोर से चलाया गया।
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कई सभाओं और बैठकों में समर्थकों की अच्छी मौजूदगी भी देखने को मिली थी, जिससे माना जा रहा था कि मुकाबला रोचक रहेगा। लेकिन जब नतीजे सामने आए तो सभी चौंक गए। प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट मिलने के बाद अब क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या परिवार और करीबी समर्थकों ने भी उनका साथ नहीं दिया।
आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई सामने
हालांकि चुनाव परिणाम को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह नतीजा स्थानीय राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम संगठनात्मक स्थिति, स्थानीय समीकरणों और मतदाताओं के रुझान को भी दर्शाता है।
